दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के 7 सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठता था। पुलिस ने इस मामले में 5 महिलाओं समेत कुल 7 आरोपियों को उत्तम नगर से हिरासत में लिया है।

नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का पर्दाफाश

राजधानी दिल्ली में बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बनाने वाले एक शातिर ठग गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्कों के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 5 महिलाएं भी शामिल हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर नौकरी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की ओर इशारा किया है।

फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी का संचालन

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में बिना किसी वैध पंजीकरण के एक प्लेसमेंट एजेंसी का संचालन कर रहे थे। इनका तरीका बेहद सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। आरोपी सबसे पहले विभिन्न ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स पर आकर्षक नौकरियों के विज्ञापन पोस्ट करते थे। जब कोई बेरोजगार युवा इन विज्ञापनों को देखकर संपर्क करता था, तो ये लोग उसे अपनी फर्जी एजेंसी के माध्यम से जाल में फंसा लेते थे।

शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस

इस पूरे गिरोह की पोल करोल बाग के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत के बाद खुली। पीड़ित ने बताया कि उसने एक ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी के लिए अपना आवेदन जमा किया था। आवेदन के बाद खुद को एचआर (मानव संसाधन) विभाग का प्रतिनिधि बताने वाले एक शख्स ने उससे फोन पर संपर्क साधा। आरोपी ने उसे 25 जुलाई को उत्तम नगर स्थित अपने दफ्तर में इंटरव्यू के लिए बुलाया।

पैसे वसूलने का तरीका

एजेंसी के कार्यालय में पहुंचने के बाद, पीड़ित से पंजीकरण प्रक्रिया और खाता खोलने के नाम पर 4,800 रुपये जमा करने की मांग की गई। विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने यह भी वादा किया कि जैसे ही नौकरी शुरू होगी, यह राशि उन्हें वापस लौटा दी जाएगी। पीड़ित ने झांसे में आकर ऑनलाइन माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, समय बीतने के बाद भी न तो उसे कोई नौकरी मिली और न ही उसकी रकम वापस की गई। अंत में, जिस मोबाइल नंबर से बात हो रही थी, वह भी बंद हो गया। इस मामले में पुलिस ने 1 अगस्त को केस दर्ज कर लिया था।

जांच और छापेमारी

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने तकनीकी पहलुओं पर काम करना शुरू किया। मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स और उन बैंक खातों की गहन जांच की गई जिनमें पीड़ितों की राशि जमा कराई गई थी। सुराग मिलने के बाद पुलिस ने उत्तम नगर के जीवन पार्क स्थित उक्त प्लेसमेंट एजेंसी के दफ्तर पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ही गिरोह के सात सदस्यों को धर दबोचा।

पकड़े गए आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान इस प्रकार है: गिरोह की सरगना मानी जा रही प्रीति मल्होत्रा (34 वर्ष), दिव्या (33 वर्ष), ललिता उर्फ पिंकी (32 वर्ष), नैना (33 वर्ष), प्रियंका (28 वर्ष), कपिल कुमार शर्मा (30 वर्ष) और ललित कुमार (28 वर्ष)। पूछताछ में पता चला कि ये सभी मिलकर बेरोजगारों को नकली इंटरव्यू का शिकार बनाते थे और इंटरव्यू के बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर हर उम्मीदवार से 3,000 से 4,000 रुपये तक वसूलते थे।

अन्य पीड़ितों की तलाश

पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इन आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी कुल 5 शिकायतें पहले ही दर्ज पाई गई हैं। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह अब तक न जाने कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका होगा। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए विस्तृत जांच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों का भी पता लगाया जा सके।

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