मुंबई में सियासी हलचल
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों नेताओं के बीच बयानों का दौर काफी तीखा हो गया है। एक तरफ राज्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो धड़ों के बीच संभावित विलय की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस द्वारा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर दिए गए बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने उन्हें 'गूंगी गुड़िया' कहकर संबोधित किया है, जिस पर अब जोरदार सियासी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
कांग्रेस के बयान पर एनसीपी का कड़ा रुख
दरअसल, महाराष्ट्र कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार के हालिया बीड़ दौरे और उनके द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि वह सार्वजनिक मंचों पर मुखर नहीं हैं, जिसके चलते पार्टी ने उन पर यह तीखी टिप्पणी की। इस बयान के बाद अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
संस्कारों पर एनसीपी का हमला
एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि एक समय कांग्रेस की अपनी एक राजनीतिक मर्यादा और संस्कृति हुआ करती थी। पार्टी का मानना है कि अब कांग्रेस पूरी तरह से अपनी पुरानी विचारधारा और संस्कारों से भटक चुकी है। एनसीपी ने साफ कहा है कि किसी भी महिला नेता के लिए इस प्रकार की अपमानजनक शब्दावली का प्रयोग करना कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है।
नेतृत्व पर भी उठे सवाल
एनसीपी का यह भी आरोप है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस का नेतृत्व गलत हाथों में पहुंच गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, यही वजह है कि नेताओं के बयानों का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और वे मर्यादाएं लांघ रहे हैं। इस मुद्दे ने राज्य में कांग्रेस और एनसीपी (अजित पवार गुट) के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है।
रोहित पवार का अजीब तर्क
इस पूरे मामले में रोहित पवार का रुख काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने परोक्ष रूप से कांग्रेस के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि संदर्भ को समझना जरूरी है। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार के सवाल पर जब धनंजय मुंडे ने हस्तक्षेप कर उन्हें चुप कराया, तो सुनेत्रा पवार को खुद बोलना चाहिए था और उन्हें रोकना चाहिए था। रोहित पवार ने तर्क दिया कि 'गूंगी गुड़िया' शब्द को सकारात्मक और नकारात्मक दोनों नजरिए से देखा जा सकता है, क्योंकि इतिहास में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए भी इसी विशेषण का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन उन्होंने बाद में खुद को एक कद्दावर नेता के रूप में साबित किया।
विलय की अटकलें और एनसीपी का भविष्य
कांग्रेस का यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब एनसीपी के दोनों गुटों के फिर से एकजुट होने की अटकलें जोरों पर हैं। हालांकि, इस दिशा में अभी तक कोई ठोस आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हाल ही में एनसीपी नेता छगन भुजबल ने स्पष्ट किया था कि विलय का निर्णय पार्टी के प्रमुख नेताओं की देखरेख में लिया जाएगा। दूसरी ओर, शरद पवार ने इन अटकलों को पहले ही सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे स्थिति अभी भी धुंधली बनी हुई है।
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