झारखंड का अद्भुत शिव मंदिर: जहां बिस्कुट, छाछ और हरी सब्जियों से सजते हैं भोलेनाथ

बोकारो के श्री श्री केदारेश्वर नाथ मृत्युंजय मंदिर में भगवान शिव की पूजा की अनोखी परंपरा है, जहां पारंपरिक फूलों के स्थान पर बिस्कुट और सब्जियों का उपयोग किया जाता है।

बोकारो में शिव भक्ति का अनूठा स्वरूप

झारखंड के बोकारो जिले में एक ऐसा शिव मंदिर है जो अपनी पूजा पद्धति और सजावट के लिए देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कैंप-2 क्षेत्र में स्थित श्री श्री केदारेश्वर नाथ मृत्युंजय मंदिर में भगवान शिव का श्रृंगार किसी आम मंदिर से बिल्कुल अलग होता है। यहां भोलेनाथ को केवल फूलों से नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों जैसे बिस्कुट, छाछ और ताजी हरी सब्जियों से सजाया जाता है। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए, बल्कि अपनी वास्तुकला के लिए भी श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।

केदारनाथ धाम की तर्ज पर भव्य निर्माण

इस मंदिर के पुजारी निकेश कुमार शास्त्री के अनुसार, इस पवित्र स्थल का निर्माण उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की परिकल्पना को ध्यान में रखकर किया गया है। पहले यह स्थान एक छोटा सा मंदिर हुआ करता था, लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष पहले इसे एक भव्य और विशाल स्वरूप प्रदान किया गया। इस मंदिर की नक्काशी और वास्तुकला का काम उड़ीसा के कुशल कारीगरों द्वारा किया गया है। मंदिर के परिसर में केवल शिव जी ही नहीं, बल्कि मां भगवती, राधा-कृष्ण और पंचमुखी हनुमान समेत अन्य देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।

सब्जियों और बिस्कुट से सजावट

सावन के पवित्र महीने में इस मंदिर में अद्भुत रौनक देखने को मिलती है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता भगवान शिव का श्रृंगार है। यहां श्रद्धालु और पुजारी पारंपरिक फूलों के अलावा गाजर, बैंगन, भिंडी, टमाटर, धनिया, पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी हरी सब्जियों का इस्तेमाल शिवलिंग को सजाने में करते हैं। इतना ही नहीं, भगवान को प्रसन्न करने के लिए पारले-जी बिस्कुट और छाछ का भी विशेष उपयोग किया जाता है। पूजा अनुष्ठान संपन्न होने के बाद, इन्हीं सामग्रियों को प्रसाद के रूप में बड़ी श्रद्धा के साथ भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र

पुजारी के मुताबिक, यह मंदिर उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान जैसा है जो किन्हीं कारणों से उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा करने में असमर्थ हैं। मंदिर की वास्तुकला और वहां व्याप्त आध्यात्मिक वातावरण लोगों को केदारनाथ जैसा ही अनुभव प्रदान करता है। पूजा के लिए पहुंचीं भक्त संध्या तिवारी का मानना है कि यह बोकारो के सबसे प्रतिष्ठित और सिद्ध शिवालयों में से एक है। उनका कहना है कि जो भी भक्त पूरी निष्ठा और सच्चे मन से यहां भगवान शिव के सामने अपनी मन्नत रखता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। यही कारण है कि सावन के पूरे महीने भर मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है और जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ उमड़ती है।

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