ऐतिहासिक गर्मी की चपेट में दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया में वर्तमान में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है, जिसने पिछले 121 वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के दक्षिण-पूर्वी शहर यांगसान में रविवार को पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह तापमान वर्ष 1904 में आधुनिक मौसम रिकॉर्डिंग प्रणाली शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे उच्चतम तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी सभी बाहरी गतिविधियों को तुरंत रोक दें और घर के भीतर रहकर सुरक्षित रहें।
यांगसान में टूटा 1904 का रिकॉर्ड
कोरिया मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, देश का तापमान इस स्तर पर पहुंचना चिंता का विषय है। यांगसान शहर में लगातार पांचवें दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जिससे वहां का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। यांगसान के अलावा डेगू और बुसान जैसे प्रमुख शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है, जहां तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। लगातार पड़ती इस असहनीय धूप के चलते लोगों के लिए बाहर निकलना दूभर हो गया है।
शहरी जीवन पर असर और राहत की तलाश
भीषण गर्मी से बचने के लिए आम नागरिक अब एयर कंडीशनिंग वाले सार्वजनिक स्थानों का सहारा ले रहे हैं। शॉपिंग मॉल, कैफे और सरकारी कूलिंग सेंटरों में बड़ी संख्या में लोग शरण लेने पहुंच रहे हैं। केवल दक्षिण कोरिया ही नहीं, बल्कि पड़ोसी उत्तर कोरिया भी इस भीषण गर्मी से प्रभावित है। वहां के कई इलाकों में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। प्योंगयांग की स्थिति और भी विकट है, जहां पिछले एक हफ्ते से रात का तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरा है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से जूझना पड़ रहा है।
सरकार द्वारा आपातकालीन अलर्ट
दक्षिण कोरिया के 20 से अधिक क्षेत्रों में मौसम विभाग ने हीटवेव की आपातकालीन चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोग बिना एयर कंडीशनर वाले कमरों में रुकने से बचें। आधिकारिक सलाह के अनुसार, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त पानी पीते रहें, आराम करें और जरूरत पड़ने पर निकटतम सरकारी कूलिंग सेंटर का रुख करें। प्रधानमंत्री हान सियोंग-सूक ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। साथ ही बिजली और पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए हैं।
टाइफून डॉल्फिन से जुड़ी उम्मीदें और चुनौतियां
मौसम विशेषज्ञों की नजरें अब टाइफून डॉल्फिन की ओर टिकी हैं। यदि यह तूफान चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ता है, तो इससे दक्षिण कोरिया में नमी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे उमस और अधिक बढ़ सकती है। हालांकि, यदि यह तूफान कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिण से गुजरता है, तो तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनेगी, जिससे इस चिलचिलाती गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
खेल आयोजनों पर भी पड़ा प्रभाव
गर्मी का असर खेल जगत पर भी गहरा पड़ा है। चांगवोन में तापमान के 39.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद, दक्षिण कोरिया की प्रोफेशनल बेसबॉल लीग के एक मैच को रद्द करना पड़ा। कोरिया बेसबॉल ऑर्गेनाइजेशन ने कहा कि खिलाड़ियों और दर्शकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि है, जिसके कारण यह कड़ा निर्णय लेना पड़ा।
गर्मी के पीछे के वैज्ञानिक कारण
वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है। वर्तमान स्थिति में 'एल नीनो' की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता है। प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाली यह प्राकृतिक जलवायु घटना हर 2 से 7 साल के अंतराल पर होती है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तापमान को असामान्य रूप से बढ़ा देती है, जो इस बार भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
https://hindi.news18.com/world/rest-of-world-extreme-heat-in-south-korea-breaks-121-year-record-warning-issued-sjn-10715849.html