भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
ओडिशा में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए सुंदरगढ़ आरटीओ कार्यालय में तैनात एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर को धर दबोचा है। आरोपी ट्रैफिक इंस्पेक्टर का नाम मुकेश कुमार मिश्रा बताया जा रहा है, जो ओडिशा मोटर व्हीकल डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। विजिलेंस की टीम ने उन्हें 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान न केवल रिश्वत की रकम बरामद की गई, बल्कि आरोपी के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करके 14.33 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
रिश्वतखोरी का पूरा घटनाक्रम
इस गिरफ्तारी के पीछे एक ट्रक मालिक की शिकायत मुख्य आधार बनी। ट्रक मालिक ने विजिलेंस अधिकारियों को बताया था कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर मुकेश कुमार मिश्रा उसके दो हाइवा ट्रकों को बिना किसी बाधा के चलाने की एवज में प्रतिमाह अवैध रूप से पैसों की मांग कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने जून और जुलाई 2026 के दो महीनों के लिए कुल 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित व्यक्ति ने अपने ट्रांसपोर्ट व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के लिए दबाव महसूस किया और उसने इस संबंध में ओडिशा विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।
रंगे हाथ पकड़ने का जाल
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस ने 3 अगस्त 2026 को एक जाल बिछाया। जैसे ही ट्रक मालिक ने सुंदरगढ़ स्थित आरटीओ कार्यालय में मुकेश कुमार मिश्रा को 20 हजार रुपये थमाए, वैसे ही वहां तैनात विजिलेंस की टीम ने धावा बोल दिया। आरोपी को कार्यालय कक्ष के भीतर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब केमिकल के माध्यम से आरोपी के हाथों की जांच की गई, तो उनके दाहिने हाथ का वॉश पॉजिटिव आया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उन्होंने रिश्वत की रकम को अपने हाथों से लिया था। इस साक्ष्य को गवाहों की उपस्थिति में विधिवत जब्त कर लिया गया।
छापेमारी में मिली नगदी
गिरफ्तारी के ठीक बाद विजिलेंस विभाग ने आरोपी अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन स्थानों में सुंदरगढ़ के श्रीकृष्ण विहार स्थित आवास, बरगढ़ टाउन के शांतिनगर वार्ड नंबर-19 में स्थित पैतृक घर और आरटीओ कार्यालय में बना उनका कक्ष शामिल था। इन तलाशी अभियानों के दौरान सुंदरगढ़ स्थित घर से 14 लाख 33 हजार रुपये की बड़ी धनराशि बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद विजिलेंस विभाग अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि यह पैसा कहां से आया और इसका मुख्य स्रोत क्या है।
कानूनी कार्रवाई और मामला दर्ज
मुकेश कुमार मिश्रा के खिलाफ राउरकेला विजिलेंस थाना में केस नंबर 06, दिनांक 2 अगस्त 2026 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि विजिलेंस विभाग हाल के दिनों में ओडिशा कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई कर चुका है।
आरोपी का सेवा इतिहास
आरोपी ट्रैफिक इंस्पेक्टर के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 6 अगस्त 2015 को सरकारी सेवा की शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्होंने ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर के तौर पर कार्यभार संभाला। अपनी सेवा के दौरान वे तालचर, बलांगीर और नुआपाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। जुलाई 2022 में उन्हें पदोन्नति देकर ट्रैफिक इंस्पेक्टर बनाया गया, जिसके बाद से वे सुंदरगढ़ आरटीओ कार्यालय में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में विजिलेंस विभाग इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है। बरामद हुई 14.33 लाख रुपये की नकदी और अन्य वित्तीय लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, ताकि भ्रष्टाचार के इस तंत्र का पूरी तरह खुलासा किया जा सके। जांच का कार्य पूर्ण होने के बाद ही अगली कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
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