दतिया उपचुनाव का परिणाम: भाजपा को मिली बड़ी हार, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने जीत का परचम लहराया

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को शिकस्त देकर जीत हासिल की है। इस मुकाबले में कांग्रेस ने 6000 से ज्यादा मतों के अंतर से अपनी बढ़त दर्ज की है।

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का दबदबा

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित कर दिए गए हैं। इस चुनावी परिणाम ने राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने इस सीट पर निर्णायक बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 6025 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है।

मतों का विस्तृत गणित

दतिया में उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को संपन्न हुआ था, जिसके परिणाम सोमवार 3 अगस्त को जारी किए गए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस के घनश्याम सिंह को कुल 66726 वोट प्राप्त हुए। इसके मुकाबले भाजपा के आशुतोष तिवारी को 60701 वोट मिले। इन आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट होता है कि कांग्रेस प्रत्याशी ने 6025 वोटों से जीत का सिलसिला कायम रखा है।

टिकट वितरण और भाजपा के भीतर असंतोष

इस चुनाव में भाजपा ने काफी उम्मीदों के साथ आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया था। गौरतलब है कि दतिया सीट पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में उनका टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मौका दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने से उनके समर्थकों में गहरा असंतोष था, जिसका सीधा असर दतिया उपचुनाव के नतीजों पर देखने को मिला है। ज्ञात हो कि इससे पहले हुए विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा था।

क्यों जरूरी हुआ था यह उपचुनाव

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति तब पैदा हुई जब 2023 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कानूनी अड़चनें सामने आईं। उस चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने दतिया सीट से जीत दर्ज की थी और उन्होंने भाजपा के प्रभावशाली नेता नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, बाद में एक पुराने मामले में सजा मिलने के कारण राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द कर दी गई, जिसके चलते यह सीट रिक्त हो गई थी। उपचुनाव में भाजपा को पूरी उम्मीद थी कि वह इस सीट को वापस अपने पाले में ले आएगी, लेकिन कांग्रेस ने न केवल अपनी पुरानी सीट सुरक्षित रखी, बल्कि भारी मतों के अंतर से जीत भी दर्ज की। यह जीत कांग्रेस के लिए प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है।

https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/madhya-pradesh-datia-by-election-result-congress-candidate-ghanshyam-singh-wins-by-over-6-000-votes-bjp-lost-2026-08-03-1235070