विधानसभा की कार्यवाही पहले दिन स्थगित, बाहर विपक्ष का भारी हंगामा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन में भारी गहमागहमी देखने को मिली। दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने और शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि, सदन के भीतर शांति रही लेकिन बाहर का माहौल काफी गर्म था। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर इकट्ठा होकर विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
सरकार का रुख: विकास और चर्चा पर जोर
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों से सदन के समय का रचनात्मक और बेहतर उपयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने कल सर्वदलीय बैठक में भी सभी दलों के नेताओं से आग्रह किया था कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी जनसमस्याओं को सदन के पटल पर उठाएं, ताकि उन पर सार्थक चर्चा हो सके और उनका समाधान निकाला जा सके।
डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग की श्रेणी में लाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलाव का केंद्र बिंदु हमारी विधायिका ही है।
राम मंदिर चंदा और जनहित के मुद्दों पर विपक्ष हमलावर
दूसरी तरफ, विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने सरकार पर तीखे हमले बोले। नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे सदन के भीतर जनता से जुड़े हर बुनियादी मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, बिजली की किल्लत और प्रभु राम के चढ़ावे में हुई चोरी सबसे मुख्य मुद्दे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भगवान राम के चढ़ावे पर डाका डाला गया है और इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने किसानों की समस्याओं और स्कूलों के बंद होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाने की बात कही।
सत्र की छोटी अवधि को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने केवल तीन दिनों का सत्र बुलाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार की आलोचना की।
अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन: साइकिल से पहुंचे विधायक
समाजवादी पार्टी के विधायक ज़ाहिद बेग ने विरोध जताने के लिए एक बिल्कुल अलग तरीका अपनाया। वे साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे और उनके पास अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुई कथित गड़बड़ी और E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों के पोस्टर थे। उनके पोस्टर पर लिखा था कि भारतीय जनता पार्टी का वादा है कि हम राम को लाए हैं और चंदा खाएंगे।
ज़ाहिद बेग ने बातचीत में कहा कि:
"E20 ईंधन वाहनों के इंजन के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहा है। इसके साथ ही, साल 2020 में लागू की गई शिक्षा नीति को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और कानूनी मुकदमों के जरिए छात्रों को परेशान करना बंद होना चाहिए।"
सत्ता पक्ष ने विपक्ष के हंगामे को बताया 'नौटंकी'
विपक्ष के इस आक्रामक प्रदर्शन पर सत्ता पक्ष ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने विपक्षी विधायकों के प्रदर्शन को महज नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि जब भी विधानसभा का सत्र शुरू होता है, विपक्ष की यही नौटंकी देखने को मिलती है। अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी को प्रदेश के विकास या जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कह रही है कि विपक्ष सदन के भीतर सवाल पूछे, सरकार उनके हर एक सवाल का विस्तृत जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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