सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का सैलाब
सावन के पवित्र महीने की पहली सोमवारी के मौके पर मुजफ्फरपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। उत्तर बिहार के इस प्रतिष्ठित मंदिर में आस्था का ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां रविवार की रात से ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया था। कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की लंबी कतारों ने पूरे मंदिर परिसर को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। जैसे ही रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि को मंदिर के कपाट खोले गए, वैसे ही बोल बम और हर हर महादेव के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
जलाभिषेक के लिए विशेष इंतजाम
मंदिर के मुख्य पुजारी विनय पाठक ने जानकारी दी कि इस वर्ष सावन की पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं और कांवरियों की संख्या पिछले सभी वर्षों की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने अरघा की विशेष व्यवस्था की है। इस प्रबंध का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक संख्या में भक्त बिना किसी परेशानी के बाबा गरीबनाथ पर जल अर्पित कर सकें और जलाभिषेक की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।
कांवरियों का उत्साह
पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर आने वाले कांवरियों का जत्था रविवार की शाम और रात तक लगातार मंदिर पहुंचता रहा। इनमें से कई श्रद्धालुओं ने रविवार को ही जलाभिषेक संपन्न कर लिया था, जबकि एक बड़ी संख्या में भक्त मंदिर के कपाट खुलने का इंतजार करते रहे। रविवार रात 12 बजे के बाद जैसे ही मुख्य द्वार खुले, श्रद्धालुओं के उत्साह का ठिकाना नहीं रहा और जलाभिषेक का सिलसिला पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गया। सोमवार की सुबह तक यह सिलसिला लगातार चलता रहा, जिससे मंदिर परिसर में भक्तों का हुजूम बना रहा।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा घेरा
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। पुलिस बल की तैनाती के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी लगातार मुस्तैद दिखे और सुरक्षा व्यवस्था की खुद निगरानी करते रहे। मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में भी यातायात और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले कांवरियों को कोई असुविधा न हो।
स्वयंसेवकों की भूमिका
श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 2,500 सेवा दल के स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। ये स्वयंसेवक कांवरियों को व्यवस्थित कतार में रखने, उन्हें पेयजल उपलब्ध कराने और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने में जी-जान से जुटे हुए हैं। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों का लगातार दौरा किया। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए मौके पर ही उचित दिशा-निर्देश जारी किए।
भक्ति में सराबोर वातावरण
बाबा गरीबनाथ धाम में रविवार से ही भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला है। सावन की पहली सोमवारी के मौके पर श्रद्धालुओं की आस्था अपने चरम पर नजर आई। बोल बम के जयघोष से गूंजते मंदिर परिसर में हर भक्त बाबा के दर्शन की अभिलाषा लिए खड़ा दिखाई दिया। प्रशासन और मंदिर समिति के संयुक्त प्रयासों से जलाभिषेक की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
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