उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी: 7 जिलों में अलर्ट, पिथौरागढ़ में ठप 18 सड़कें

भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के 7 जिलों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है, वहीं उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे बहाल कर दिया गया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून का मिजाज एक बार फिर खतरनाक हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के सात प्रमुख जिलों के लिए भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। जिन जिलों के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है, उनमें देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जिससे जनजीवन पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। पर्वतीय अंचलों में गर्जन के साथ मूसलाधार बारिश का अंदेशा जताया गया है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में तेज हवाओं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि नदियां उफान पर हो सकती हैं और भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है।

यमुनोत्री नेशनल हाईवे की बहाली और यातायात पर असर

उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। पहाड़ी से मलबा और विशालकाय बोल्डर गिरने के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 12 घंटे तक पूरी तरह से बंद रहा। मार्ग के बंद होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। मार्ग पर पालीगाड़, स्यानाचट्टी, बढ़िया, हनुमान चट्टी, राणाचट्टी, झझरघाट और जंगल चट्टी जैसे संवेदनशील स्थानों पर मलबा जमा हो गया था। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए जेसीबी और पोकलैंड जैसी भारी मशीनों को काम पर लगाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को साफ किया गया और यातायात को पुन: सुचारु किया गया है। हालांकि, मौसम के मिजाज को देखते हुए इस मार्ग पर फिर से मलबा आने की आशंका बनी हुई है, इसलिए प्रशासन ने सावधानी बरतने को कहा है।

पिथौरागढ़ में सड़कें बंद होने से गांवों का संपर्क टूटा

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। भारी बारिश और निरंतर हो रहे भूस्खलन के कारण जिले की 18 मुख्य और संपर्क सड़कें पूरी तरह से ठप पड़ी हैं। इन सड़कों के बंद होने से दूर-दराज के दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है, जिससे वहां के निवासियों को राशन और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की टीमें बंद रास्तों को खोलने के लिए जुटी हुई हैं, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी रहने से राहत कार्यों में बाधा आ रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलें और संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें।

मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और मौसम का मिजाज

पहाड़ों के विपरीत, राज्य के मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम का स्वरूप थोड़ा भिन्न है। यहां तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि, 3 अगस्त को इन इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने ‘थंडरस्टॉर्म’ और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जो खुले में काम करने वाले लोगों के लिए घातक साबित हो सकती है। कृषि कार्यों में लगे किसानों और रास्तों पर चलने वाले राहगीरों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें।

तापमान का विश्लेषण और पिछले 24 घंटों की रिपोर्ट

प्रदेश में पिछले 24 घंटों की मानसूनी गतिविधियों पर गौर करें तो राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बौछारें दर्ज की गई हैं। आंकड़ों के अनुसार, मैदानों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड किया गया है, जिससे चिलचिलाती धूप और उमस बनी हुई है। राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.4°C रुड़की (हरिद्वार) में दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, पर्वतीय पर्यटक स्थल मुक्तेश्वर (नैनीताल) में न्यूनतम तापमान 15.8°C रहा है, जिससे वहां रातों में काफी ठंडक महसूस की जा रही है। पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी कम है, जो मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से एक बड़ा अंतर पैदा करता है।

अगले एक हफ्ते का मौसम पूर्वानुमान (4 अगस्त से 8 अगस्त)

मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड में आगामी दिनों के लिए भी खराब मौसम के संकेत दिए हैं। अगले पूरे हफ्ते राज्य में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है:

  • 04 अगस्त: देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
  • 05 अगस्त: बारिश का दायरा बढ़ेगा, जिसमें देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में भारी वर्षा का अलर्ट रहेगा।
  • 06 अगस्त: उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
  • 07 और 08 अगस्त: राज्य के अधिकांश जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां जारी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

3 अगस्त को उत्तराखंड के किन जिलों में अलर्ट है? मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है।

यमुनोत्री हाईवे की क्या स्थिति है? उत्तरकाशी में मलबे के कारण यह हाईवे 12 घंटे तक बंद था, जिसे अब प्रशासन की मदद से सुचारु कर दिया गया है।

प्रदेश का सबसे गर्म और ठंडा स्थान कौन सा रहा? पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान 34.4°C रुड़की में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.8°C मुक्तेश्वर में दर्ज किया गया है।

https://hindi.news18.com/news/uttarakhand/dehradun-uttarakhand-aaj-ka-mausam-03-august-imd-heavy-rain-alert-dehradun-nainital-yamunotri-highway-opened-pithoragarh-landslide-local18-10712626.html