आचार्य प्रमोद कृष्णम का गुरुकुल शिक्षा पर जोर, कहा- बच्चों को बेहतर इंसान बनाने के लिए अपनाएं प्राचीन पद्धति

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आधुनिक शिक्षा की तुलना में गुरुकुल प्रणाली की वकालत की है। उन्होंने बच्चों के संस्कारों को संवारने के लिए इसे एकमात्र प्रभावी मार्ग बताया है।

गुरुकुल शिक्षा को लेकर प्रमोद कृष्णम का बड़ा दावा

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रविवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विचार रखते हुए गुरुकुल पद्धति की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को राष्ट्रभक्त, संस्कारी और सनातन मूल्यों का वाहक बनाना चाहते हैं, तो उन्हें गुरुकुल के मार्ग पर ही ले जाना होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बच्चों को 'कॉकरोच' जैसा बनने से बचाना है, तो उन्हें आधुनिक चकाचौंध से हटाकर गुरुकुल की सात्विक शिक्षा की ओर ले जाना बेहद जरूरी है।

भारतीय आदर्शों को बचाने की जरूरत

मुरादाबाद में सुधांशु महाराज द्वारा स्थापित एक गुरुकुल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्राचीन सभ्यता और सनातन परंपराओं की रक्षा करना नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि वे अपने घर के बच्चों को स्वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद और महर्षि दधीचि जैसे महान विभूतियों के बताए रास्तों पर देखना चाहते हैं, तो उन्हें गुरुकुल का रास्ता दिखाना अनिवार्य है।

राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तल्ख टिप्पणी

समारोह के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखी। भगवान शिव पर मौलाना जरजिस की कथित विवादित टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने दो टूक कहा कि जो व्यक्ति ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, उसे वे मौलाना की श्रेणी में ही नहीं मानते।

पप्पू यादव और अन्य नेताओं पर तंज

संसद भवन के बाहर पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र धारण किए जाने के प्रकरण पर आचार्य ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अभिनय करने का इतना ही शौक है, तो उन्हें रामलीला में रावण, मेघनाथ, खर-दूषण या कालनेमी जैसे पात्रों का अभिनय करना चाहिए। उन्होंने सनातन परंपराओं का मजाक उड़ाने से बचने की नसीहत दी। 'कॉकरोच पार्टी' के आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को उन्होंने सीधे तौर पर हुड़दंग करार दिया। प्रधानमंत्री द्वारा इस पूरे मामले में माफी मांगे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के विशाल और उदार हृदय का प्रमाण बताया। इसके अलावा, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी द्वारा 'वंदे मातरम' पर दिए गए बयान को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि एक सच्चा मुसलमान भी दिन भर में पांच बार वंदे मातरम का भाव अपने मन में रखता है।

https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/acharya-pramod-krishnam-saying-that-if-children-are-to-be-prevented-from-turning-into-cockroaches-they-must-be-shown-the-path-of-the-gurukul-2026-08-02-1234897