लगातार चौथी बार कामयाबी का परचम
बिहार के समस्तीपुर में स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, जिसे पूसा यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता है, एक बार फिर चर्चा में है। विश्वविद्यालय ने अपने नाम एक और शानदार उपलब्धि दर्ज की है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के एमबीए एग्री-बिजनेस और एमबीए रूरल मैनेजमेंट बैच वर्ष 2024-26 के सभी छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट सफल रहा है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब विश्वविद्यालय ने 100 प्रतिशत कैंपस प्लेसमेंट का आंकड़ा छुआ है। राज्य के किसी भी कृषि संस्थान के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उनकी सफलता के पीछे का सबसे बड़ा कारण डिग्री के बजाय छात्रों को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल प्रदान करना है।
इंटर्नशिप से मिली सफलता की राह
इस शानदार प्लेसमेंट के पीछे का मुख्य मंत्र इंडस्ट्री इंटर्नशिप बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यहां शिक्षा केवल कक्षाओं और किताबों तक ही सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को कोर्स के दौरान ही देश के विभिन्न अग्रणी संस्थानों और कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाता है। इस दौरान वे वास्तविक कार्य परिस्थितियों और कॉर्पोरेट संस्कृति को गहराई से समझते हैं। कई बार इंटर्नशिप में छात्रों का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली होता है कि कंपनियां उन्हें सीधे नौकरी का प्रस्ताव दे देती हैं। छात्रों ने भी साझा किया कि नियमित रूप से होने वाली केस स्टडी, प्रेजेंटेशन, औद्योगिक भ्रमण और प्रशिक्षण सत्रों ने उन्हें इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया था।
प्रतिष्ठित कंपनियों का रुख
स्कूल ऑफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. राम दत्त ने बताया कि इस बैच के 60 से अधिक विद्यार्थियों को देश के बड़े संस्थानों और प्रतिष्ठित कंपनियों में अवसर मिले हैं। इस वर्ष मिले पैकेज के कुछ प्रमुख विवरण निम्नलिखित हैं:
- समस्तीपुर के छात्र ओम कुमार का चयन 8.5 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर अदानी समूह में हुआ है।
- चिंताडा वेंकट रमणा को विस्तारा फाइनेंस में 6 लाख रुपये का पैकेज प्राप्त हुआ है।
- पश्चिम बंगाल की सोनाली कुमारी और बिहार के प्रशांत कुमार को सुधा डेयरी में 8.5 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी मिली है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पूसा विश्वविद्यालय के छात्रों की मांग बाजार में लगातार बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय का फैकल्टी स्टाफ और प्लेसमेंट सेल ने समय-समय पर जो मार्गदर्शन दिया, वही उनकी सफलता की असली नींव बना है।
भविष्य की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रेम लाल गौतम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि अब विश्वविद्यालय डिजिटल एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक और उभरते हुए तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार चार वर्षों से 100 प्रतिशत कैंपस प्लेसमेंट इस बात का प्रमाण है कि यहां की शिक्षा पद्धति समय के साथ बदलाव करने में पूरी तरह सक्षम है।
कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने दोहराया कि उनका उद्देश्य मात्र छात्रों को डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि ऐसे कुशल पेशेवरों को तैयार करना है जो देश की कृषि अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक सकें। उन्होंने भविष्य में और भी अधिक कंपनियों के साथ करार करने और छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. रमन कुमार त्रिवेदी, डीन फिशरीज डॉ. पी.पी. श्रीवास्तव, डीन पीजीसीए डॉ. मयंक राय, निदेशक शिक्षा डॉ. उमाकांत बेहरा और निदेशक अनुसंधान डॉ. ए.के. सिंह ने भी भाग लिया। इन सभी की उपस्थिति ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। लगातार 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के आंकड़ों ने यह सिद्ध कर दिया है कि पूसा विश्वविद्यालय अब केवल कृषि शिक्षा का एक पुराना केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह एक भरोसेमंद संस्थान बन चुका है जो अपने छात्रों के सुनहरे करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
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