पटना के दानापुर में किराये के फ्लैट से चल रहा था साइबर ठगी का अड्डा, एक शातिर गिरफ्तार

पटना के दानापुर इलाके में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो किराये के फ्लैट से फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं।

दानापुर में साइबर जालसाजों का ठिकाना बेनकाब

बिहार की राजधानी पटना के दानापुर इलाके में पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गोला रोड स्थित चंद्रशेखर नगर के एक फ्लैट से संचालित हो रहे इस ठगी के केंद्र पर पुलिस ने दबिश दी है। आरोपी खुद को बैंक का अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और पूरे गिरोह की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है।

कैसे मिली पुलिस को सूचना

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गोला रोड क्षेत्र में स्थित मैपल इन स्कूल की इमारत के ऊपर बने फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इस इनपुट के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एएसपी दानापुर-1 अजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस दल ने जब उक्त इमारत के कमरा नंबर-501 में छापेमारी की, तो वहां साइबर ठगी का पूरा तंत्र सक्रिय मिला। मौके से पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

नालंदा से जुड़ा है गिरफ्तार आरोपी का कनेक्शन

पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी की पहचान नालंदा जिले के घमौनी बिगहा निवासी 22 वर्षीय प्रवीण कुमार के रूप में हुई है। शुरुआती छानबीन से पता चला है कि आरोपी फोन कॉल के माध्यम से खुद को बैंक का अधिकारी बताकर लोगों के झांसे में लेता था। वह उनसे बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करके खातों से अवैध निकासी करता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह आरोपी किसी संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है या फिर अपने स्तर पर ही यह अवैध कारोबार चला रहा था।

भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद

फ्लैट की तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज और उपकरण जब्त किए हैं जो साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जाते हैं। बरामद की गई वस्तुओं में शामिल हैं:

  • एक लैपटॉप जिसका उपयोग डेटा मैनेज करने में होता था
  • कुल तीन मोबाइल फोन
  • अलग-अलग बैंकों के 12 एटीएम कार्ड
  • पांच बैंक पासबुक और आठ चेकबुक
  • आरोपी के कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो वाहन ओनर बुक भी मिली हैं

पुलिस अब इन सभी जब्त डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितने लोगों को इस गिरोह ने ठगी का शिकार बनाया है और बैंक खातों के जरिए कितनी रकम का हेरफेर किया गया है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति

इस मामले में दानापुर थाने में कांड संख्या 831/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह जांच का अभी शुरुआती चरण है और इस मामले में जुड़े अन्य सहयोगियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जल्द ही और भी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।

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