दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर प्रहार
इजरायल डिफेंस फोर्सेज यानी IDF ने शुक्रवार को एक बड़ा सैन्य अपडेट साझा किया है। सेना ने बताया कि उसने दक्षिण लेबनान के ब्यूफोर्ट रिज इलाके के नीचे बने हिज्बुल्लाह के कई रणनीतिक भूमिगत सुरंग नेटवर्क को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। यह कार्रवाई उस क्षेत्र में एक सीमित सैन्य गतिविधि के दौरान अंजाम दी गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अगस्त महीने में इटली के रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत का नया दौर शुरू होने वाला है।
हिज्बुल्लाह के सेंट्रल कमांड सेंटर का विनाश
इजरायली सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह टनल नेटवर्क हिज्बुल्लाह का प्रमुख सेंट्रल कमांड सेंटर था। यहीं से संगठन के कमांडर युद्ध से जुड़ी गतिविधियों का संचालन करते थे और इजरायली नागरिकों तथा सैनिकों के खिलाफ हमले करने के निर्देश जारी किए जाते थे।
ईरान की फंडिंग और दो दशक की तैयारी
IDF की जांच और रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस जटिल भूमिगत नेटवर्क का निर्माण हिज्बुल्लाह द्वारा पिछले दो दशकों की अवधि में किया गया था। इस परियोजना की पूरी योजना और फंडिंग सीधे तौर पर ईरान के शासन द्वारा की गई थी। इजरायली सेना का यह भी कहना है कि यह पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह की 'बदर यूनिट' के लिए मुख्य कमांड सेंटर था। यह नेटवर्क इजरायल की सीमा के काफी करीब स्थित था, जो मेटुला और गैलिली पैनहैंडल से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर था, जिसके चलते यह उत्तरी इजरायल के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा बना हुआ था।
इजरायली सेना ने स्पष्ट किया है कि युद्ध के दौरान इस भूमिगत नेटवर्क का इस्तेमाल करके इजरायली नागरिकों और IDF के जवानों पर दर्जनों बार विस्फोटक सामग्री, UAV और एंटी-टैंक मिसाइलें दागी गई थीं। अब IDF ने जमीन के भीतर बने इस विशाल टनल नेटवर्क के एक बड़े हिस्से को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।
ब्यूफोर्ट रिज में इजरायली सेना का ऑपरेशनल कंट्रोल
इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि पिछले कुछ सप्ताहों के भीतर लेबनान के ब्यूफोर्ट रिज क्षेत्र में उनकी तैनाती का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही, सेना ने इन भूमिगत सुरंगों पर अपना ऑपरेशनल नियंत्रण बनाए रखा है और उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की है।
सीजफायर समझौते को लेकर इजरायल का रुख
इजरायली सेना ने यह भी दोहराया है कि वह लेबनान के साथ हुए सीजफायर समझौते का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, अपनी सैन्य इकाइयों के सामने आने वाले खतरों को जड़ से खत्म करने के लिए उनका ऑपरेशनल अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने हिज्बुल्लाह के विरुद्ध इजरायली कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। ट्रंप ने यह सुझाव भी दिया था कि लेबनान में अब सीरिया को कमान संभालनी चाहिए।
https://www.indiatv.in/world/asia/idf-claims-dismantling-key-hezbollah-underground-tunnel-network-beneath-beaufort-ridge-2026-07-31-1234584