खंडवा: पिकनिक मनाने गए चार युवक 11 घंटे तक टापू पर फंसे, ड्रोन से पहुंचाई गई मदद

मध्य प्रदेश के खंडवा में नदियों के संगम पर पिकनिक मना रहे चार लोग अचानक जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंस गए, जिन्हें लंबी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।

भारी बारिश से उफान पर नदियां

मध्य प्रदेश का खंडवा जिला इन दिनों भीषण बारिश की चपेट में है। मूसलाधार वर्षा के कारण जिले के तमाम नदी और नाले पूरे उफान पर हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। गुरुवार की शाम को भाम और चिखल्या नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कुल सात लोग बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इनमें से तीन लोगों को तो तत्काल प्रभाव से बचा लिया गया, लेकिन चार युवक हांडी-कुंडी क्षेत्र में बीच धारा में फंस गए। ये युवक पिकनिक का आनंद लेने वहां पहुंचे थे, लेकिन प्रकृति के बदलते मिजाज ने उन्हें मुसीबत में डाल दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आई चुनौतियां

चारों युवक गुरुवार की शाम करीब चार बजे नदी के किनारे पहुंचे थे। अचानक आए पानी के बहाव ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका ही नहीं दिया और वे एक छोटे से टापू पर फंस गए। जैसे ही जिला प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। हालांकि, नदी का बहाव इतना तीव्र था कि बचाव दल के लिए उन तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया। बचाव नाव कई बार पानी के तेज थपेड़ों के कारण पलटने लगी, जिससे रेस्क्यू अभियान में काफी बाधाएं आईं।

ड्रोन का बना सहारा

बचाव दल ने फंसे हुए युवकों की स्थिति को देखते हुए तकनीक का अनोखा इस्तेमाल किया। प्रशासन ने पहली बार ड्रोन की सहायता ली, जिससे टापू पर फंसे लोगों तक लाइफ जैकेट, रस्सियां और खाने-पीने का सामान पहुंचाया जा सका। इस मदद ने न केवल युवकों को सुरक्षित रखा, बल्कि उनका मनोबल भी बनाए रखा। प्रशासन ने रायपुर से एक हेलिकॉप्टर बुलाने की भी कोशिश की, लेकिन देर रात डेढ़ बजे तक हेलिकॉप्टर के पहुंचने की संभावना खत्म हो गई। दोबारा शुरू हुई बारिश ने हवाई बचाव अभियान की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया।

11 घंटे की कड़ी मशक्कत

इस पूरे रेस्क्यू अभियान की कमान प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा और पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने संभाली। वे घटनास्थल पर मौजूद रहकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए लोगों में हुजेफा हामिद (40), मयंक उर्फ गोपाल (16), अली असगर (35) और आयुष (18) शामिल हैं। ये सभी लोग जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर सुक्ता और आवना नदियों के संगम वाले हांडीकुंडी क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए थे।

सकुशल बाहर आए युवक

पुलिस कंट्रोल रूम को गुरुवार की शाम छह बजकर 15 मिनट पर इस घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चलता रहा। जब पानी के स्तर में थोड़ी कमी आई, तब सुरक्षा रस्सियों की मदद से मोटरबोट को टापू तक भेजा गया। करीब 11 घंटे के संघर्ष के बाद शुक्रवार तड़के चार बजकर 45 मिनट पर चारों युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। जिला प्रशासन ने अब नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदियों, नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों में पिकनिक मनाने न जाएं, क्योंकि अचानक बढ़ने वाला पानी जानलेवा साबित हो सकता है।

https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/khandwa-four-people-picnicking-at-rivers-confluence-stranded-on-island-as-water-rose-suddenly-rescue-operation-lasted-11-hours-2026-07-31-1234500