पश्चिमी चंपारण में खौफ: बाघ ने बुजुर्ग किसान पर किया जानलेवा हमला, ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से खदेड़ा

पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में जंगल से निकले एक बाघ ने 65 वर्षीय किसान को निशाना बनाया, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता से उनकी जान बच गई।

वाल्मीकिनगर में बाघ का आतंक

पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। जंगल के किनारे बकरी चरा रहे एक 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान को जंगल से बाहर आए एक बाघ ने अपना शिकार बनाने की कोशिश की। यह घटना हाथी मलखनता पुल के समीप हुई, जहां बिसहा गांव के निवासी अकलु यादव अपनी बकरियां चरा रहे थे। अचानक हुए इस हमले ने वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मचा दिया।

ग्रामीणों का साहस और संघर्ष

बाघ के हमले के दौरान जब बुजुर्ग ने अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाई, तो उनकी चीखें सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान तुरंत सक्रिय हो गए। ग्रामीण बिना डरे लाठी और डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों की भारी भीड़ और उनके द्वारा किए गए शोर-शराबे के कारण बाघ घबरा गया और उसे पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। कुछ देर तक चले इस संघर्ष के बाद बाघ वापस घने जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। बाघ के भागते ही ग्रामीणों ने घायल वृद्ध को फौरन अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

इस हादसे में अकलु यादव बुरी तरह घायल हो गए हैं। स्थानीय अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बगहा अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया था। बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर नदीम अंसारी ने बताया कि बुजुर्ग के शरीर पर गहरे जख्म हैं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए बेतिया GMCH रेफर कर दिया गया है, जहां विशेषज्ञ उनकी देखभाल कर रहे हैं। वर्तमान में उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही वाल्मीकि नगर के रेंजर सत्यम कुमार और फॉरेस्टर आशीष कुमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने सबसे पहले घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया ताकि घटना के कारणों को समझा जा सके। इसके बाद टीम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित किसान का हाल-चाल जाना। रेंजर ने स्पष्ट किया कि विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को विभागीय प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ग्रामीणों के लिए चेतावनी

वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त तेज कर दी है और वन कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि वन्य जीवों की हरकतों पर नजर रखी जा सके और दोबारा ऐसी घटना न हो। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे जंगल से सटे इलाकों में जाते समय पूरी सावधानी बरतें। ग्रामीणों को अकेले जंगल की तरफ न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में वन विभाग द्वारा निगरानी रखी जा रही है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।

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