नूंह में सुरक्षा का चाक-चौबंद घेरा
हरियाणा के नूंह जिले में आगामी 3 अगस्त को प्रस्तावित ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है। तीन साल पहले हुई हिंसक घटनाओं के बाद इस बार की यात्रा को लेकर प्रशासन कोई भी चूक नहीं बरतना चाहता। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले की सीमाओं से लेकर मंदिरों तक सुरक्षा का व्यापक जाल बिछाया गया है। नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए 800 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
विशेष सुरक्षा दस्ते और निगरानी तकनीक
सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पुख्ता बनाने के लिए जिले के बाहर से 7 पुलिस कंपनियों को बुलाया गया है। यात्रा की कमान संभालने के लिए 10 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो संवेदनशील इलाकों और मुख्य मार्गों की निगरानी करेंगे। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यात्रा की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए 100 कैमरों का जाल बिछाया गया है। इसके अलावा, ड्रोन के माध्यम से आसमान से पूरे रूट पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध हरकत को तुरंत पकड़ा जा सके।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस प्रशासन केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी सतर्क है। डॉ. अर्पित जैन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह की भड़काऊ, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने पहले ही कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कदम उठाए हैं। पुलिस पड़ोसी जिलों के प्रशासन के साथ भी निरंतर संपर्क में है ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना को फैलने से रोका जा सके।
सामुदायिक संवाद और सतर्कता
यात्रा को शांतिपूर्ण बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने सरपंचों, गणमान्य नागरिकों और विभिन्न समुदाय के जिम्मेदार लोगों के साथ मिलकर संवाद स्थापित किया है ताकि आपसी भाईचारा बना रहे। वर्ष 2023 में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद इस बार विशेष सावधानी बरती जा रही है। हिंसा के आरोपियों और संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों पर भी पुलिस की विशेष नजर है। साथ ही, 100 सदस्यों की एक विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें 40 कैमरा कर्मी शामिल हैं, जो पूरे कार्यक्रम की वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग करेंगे।
प्रशासनिक और राजनीतिक समन्वय
उपायुक्त अखिल पिलानी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में बताया कि 3 अगस्त को सावन के पहले सोमवार के मौके पर होने वाली इस यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिला प्रशासन ने पीस कमेटी की बैठक बुलाई है, जिसमें सभी पक्षों ने शांतिपूर्ण यात्रा का भरोसा दिया है। यात्रा के दौरान हथियारों के प्रदर्शन, डीजे और लाउड स्पीकर के उपयोग पर प्रशासन की कड़ी निगरानी रहेगी। भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पिंटू ने भी इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय लोग श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हैं और सभी समुदायों का सहयोग मिल रहा है।
श्रृंगार गांव का विशेष सुरक्षा प्लान
उपायुक्त अखिल पिलानी के अनुसार, यात्रा का समापन श्रृंगार गांव में स्थित पांडवकालीन शिव मंदिर में होगा। इस स्थान को सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माना गया है, जिसके चलते वहां विशेष पुलिस बल की तैनाती रहेगी। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि पार्किंग, यातायात और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न रहे। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस यात्रा के माध्यम से इलाके में सौहार्द और सामाजिक एकता का एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करना है।
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