बांकीपुर उपचुनाव में हाई वोल्टेज ड्रामा
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान पटना का माहौल उस समय गरमा गया, जब जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और पटना की सेंट्रल सिटी एसपी ममता कल्याणी के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से प्रसारित हो रहा है। मतदान प्रक्रिया के बीच राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था और कानून के पालन को लेकर हुए इस विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। चुनाव के दौरान, जब वोटिंग प्रतिशत लगभग 20 प्रतिशत तक दर्ज किया गया था, उसी समय यह घटना सामने आई।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की मुख्य वजह जन सुराज की ओर से लगाए गए आरोप थे। जन सुराज का दावा था कि पुलिस ने उनके कई पोलिंग एजेंटों और चुनावी कार्यकर्ताओं को मतदान शुरू होने से पहले ही हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के विरोध में प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच गए और उनसे अपने कार्यकर्ताओं के बारे में पूछताछ करने लगे। जन सुराज की तरफ से यह तर्क दिया गया कि उनके कार्यकर्ता लापता हैं, जबकि पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना था कि जो भी कार्रवाई की गई है, वह पूरी तरह से कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए की गई है।
इसी दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब सेंट्रल सिटी एसपी ममता कल्याणी वहां पहुंचीं। वायरल वीडियो में ममता कल्याणी बहुत ही सख्त लहजे में प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों को आचार संहिता के नियमों की याद दिलाती हुई सुनाई देती हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनावी क्षेत्र में धाराएं लागू हैं और नियम के अनुसार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जमा करना पूरी तरह से गलत है। ममता कल्याणी ने बिना किसी दबाव के प्रशांत किशोर को वहां से हटने की नसीहत दी और कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है।
ममता कल्याणी का परिचय और बैकग्राउंड
सेंट्रल सिटी एसपी ममता कल्याणी की कार्यशैली और उनके अनुशासन की चर्चा पुलिस महकमे में हमेशा होती रही है। वे बिहार पुलिस सेवा यानी BPSC की 45वीं बैच की एक जांबाज अधिकारी हैं। अगर उनके व्यक्तिगत जीवन की बात करें, तो वे मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले के रहने वाली हैं। लखीसराय के पुरानी बाजार स्थित नया टोला में उनका परिवार रहता है। उनके पिता स्वर्गीय सीताराम मेहता पेशे से एक सेवानिवृत्त प्राचार्य थे, जिनसे उन्हें जीवन में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के संस्कार मिले।
बिहार पुलिस में एक सख्त चेहरा
ममता कल्याणी ने अपनी प्रशासनिक क्षमता और सख्त कार्यशैली के दम पर बिहार पुलिस में एक अलग पहचान बनाई है। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उन्हें पटना के बेहद संवेदनशील माने जाने वाले सेंट्रल सिटी जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले भी वह डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर के चुनौतीपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। सेंट्रल सिटी एसपी के तौर पर बांकीपुर का यह उपचुनाव उनका पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान माना जा रहा है। अपनी स्पष्टवादिता और कानून को सर्वोपरि रखने के कारण वे अक्सर अपनी कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं।
वायरल वीडियो और लोगों की प्रतिक्रिया
प्रशांत किशोर और ममता कल्याणी के बीच हुआ यह संवाद अब इंटरनेट पर बहस का मुद्दा बन गया है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक तरफ जन सुराज की टीम पुलिस पर एकतरफा और पक्षपाती कार्रवाई का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर ममता कल्याणी का रुख पूरी तरह से कानूनी और संवैधानिक नजर आता है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने वही किया जो एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए आवश्यक था। फिलहाल, यह घटना राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जहाँ लोग एक पुलिस अधिकारी के साहसी रुख को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
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