नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाली मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। यह घटना राजनीतिक और सामाजिक, दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं विभिन्न छात्र संगठन और राजनीतिक दल इस घटना को देश की परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं। अब हर किसी की नजर इस पर है कि जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
डॉक्टर बनाने का सपना रह गया अधूरा
आकांक्षा के पिता चाहते थे कि उनकी बेटी डॉक्टर बने, लेकिन बेटी की मौत के साथ ही उनका यह सपना बिखर गया। होनहार बेटी के जाने के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों के अनुसार आकांक्षा की परीक्षा अच्छी हुई थी और उसे बेहतर अंक आने का भरोसा था, मगर पेपर रद्द हो जाने से उसका हौसला पूरी तरह टूट गया। हालत यह हो गई कि उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया था।
पिता अस्पताल में, मां का रो-रोकर बुरा हाल
बेटी की मौत की खबर के बाद पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी की तबीयत बिगड़ गई और फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं। दूसरी ओर मां का रो-रोकर बुरा हाल है। आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी का दर्द उनके सवाल में झलकता है। वह कहती हैं कि पेपर तो दोबारा करवा लिया जाएगा, लेकिन क्या उनकी बेटी को लौटाया जा सकेगा।
पढ़ाई के लिए पिता ने लिया था कर्ज
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करने का सपना संजोए हुए थी। इस सपने को साकार करने के लिए उसके पिता ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए करीब तीन लाख रुपए का लोन लिया था। इतना ही नहीं, बेटी की पढ़ाई और कोचिंग का खर्च जुटाने के लिए उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर में रसोइए (कुक) की नौकरी तक शुरू कर दी थी, ताकि आकांक्षा को बेहतर तैयारी का मौका मिल सके। परिवार ने अपनी क्षमता से कहीं बढ़कर बेटी के भविष्य के लिए हरसंभव कोशिश की थी।
बताया जा रहा है कि नीट का पेपर लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के कारण आकांक्षा भारी तनाव में थी। इसी दौरान उसने नागपुर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और इलाके में भी शोक की लहर दौड़ गई।
राहुल गांधी ने परिजनों से की बात
आकांक्षा की मौत पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने आकांक्षा के माता-पिता से फोन पर बातचीत की और परिवार के दुख में शामिल होते हुए संवेदना व्यक्त की। बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि इस कठिन घड़ी में पार्टी और वह स्वयं परिवार के साथ खड़े हैं तथा हरसंभव मदद देंगे। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेताओं की ओर से पीड़ित परिवार को अब तक करीब तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा चुकी है।
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