बिहार में बदल रहा खेती का अंदाज, पारंपरिक फसलों को छोड़ फल और बागवानी से मुनाफा कमा रहे किसान

बिहार में किसान अब सिर्फ धान और गेहूं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर फलों की खेती कर रहे हैं। पटना के पुनपुन के किसान अंजनी सिन्हा ने पांच साल पहले बागवानी शुरू की और आज अमरूद, केला व पपीता उगाकर मिसाल पेश कर रहे हैं।

कृषि क्षेत्र में आ रहा बड़ा बदलाव

बिहार के कृषि क्षेत्र में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के किसान अब केवल पारंपरिक फसलों जैसे धान और गेहूं की खेती तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। मुनाफे को बढ़ाने और कृषि को नए आयाम देने के लिए बड़ी संख्या में किसान अब फल और फूलों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। बिहार के कई जिलों में अमरूद, आम, पपीता और केला जैसे फलों की बागवानी बड़े पैमाने पर की जा रही है, जो किसानों की आमदनी का मुख्य जरिया बन रही है।

अंजनी सिन्हा की अनोखी पहल

इस कृषि बदलाव की एक बेहतरीन मिसाल पटना जिले के पुनपुन प्रखंड के पोठही गांव में देखने को मिलती है। यहां के रहने वाले किसान अंजनी सिन्हा ने अपनी लगन और नए विचारों से खेती की सूरत बदल दी है। अंजनी सिन्हा ने आज से करीब पांच साल पहले अपने इस नए कृषि सफर की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने मुख्य रूप से केला और पपीता उगाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें उन्हें अच्छी सफलता मिली।

पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी पर जोर

केला और पपीता की खेती में सफलता मिलने के बाद अंजनी सिन्हा यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने दायरे को बढ़ाया और अब वे अपने खेतों में कटहल और अमरूद की भी बेहतरीन खेती कर रहे हैं। उनकी इस बागवानी की सबसे खास बात यह है कि उनकी खेती करने का तरीका दूसरे सामान्य किसानों की तुलना में काफी अलग और अनूठा है, जिससे उनकी फसलों की गुणवत्ता बेहतर रहती है और नुकसान की संभावना काफी कम हो जाती है।

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