संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को एक बेहद ही चौंकाने वाला और अनोखा नजारा देखने को मिला। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव जब संसद परिसर पहुंचे, तो हर कोई उन्हें देखकर हैरान रह गया। उनके सिर पर एक सफेद मेडिकल पट्टी बंधी हुई थी, जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में 'जस्टिस' यानी न्याय लिखा था। इसके साथ ही उनके हाथ में एक डंडा भी था। उनका यह रूप देखकर ऐसा लग रहा था मानो वह खुद किसी लाठीचार्ज का शिकार होकर घायल हुए हों। पप्पू यादव का यह अंदाज सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक काफी चर्चा का विषय बन गया है।
छात्रों के समर्थन में पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन
पप्पू यादव का यह अनोखा रूप वास्तव में एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन था। वह देशभर में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस की लाठीचार्ज की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। संसद परिसर में खड़े होकर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि देश के भीतर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे मासूम छात्रों पर पुलिस द्वारा बेरहमी से लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार के रवैये पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज यहां वही दमनकारी तरीका अपनाया जा रहा है जो कभी कश्मीर में अपनाया जाता था। पप्पू यादव ने सवाल किया कि जो लोग छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं, उनके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार क्यों किया जा रहा है?
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर सरकार पर तीखा हमला
अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के सांसद ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और उन पर तीखे राजनीतिक बाण छोड़े। पप्पू यादव ने पेपर लीक मामले को लेकर हो रही जांच और उठ रहे तमाम सवालों के बीच पूर्व मंत्री को मिल रहे सम्मान पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने तंज कसते हुए मीडिया के सामने कहा कि जिन लोगों पर पेपर लीक जैसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर और संवेदनशील मामलों को लेकर सीधे तौर पर उंगलियां उठ रही हैं, उन्हें इस तरह सम्मानित किया जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि क्या देश के इतने सम्मानित प्रतीक वाली पगड़ी किसी ऐसे व्यक्ति के सिर पर सजाई जाएगी जिस पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के इतने गंभीर आरोप लगे हैं? पप्पू यादव का कहना था कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्रों को वास्तविक न्याय नहीं मिल सकता।
संसद में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर घमासान
पप्पू यादव का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब संसद में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर बेहद अहम चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। संसदीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए विधेयक पर मंगलवार को दोपहर करीब 2:00 बजे सदन में बहस शुरू होने का समय तय किया गया था। लेकिन विपक्ष के कड़े रुख को देखते हुए इस चर्चा के शांतिपूर्ण ढंग से पूरा होने की उम्मीद बेहद कम दिखाई दे रही है।
पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में NEET पेपर लीक मामले, देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है। विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार से सीधे और स्पष्ट जवाब की मांग पर अड़े हुए हैं। इससे पहले सोमवार को भी सरकार इस विधेयक को सदन के पटल पर रखकर इस पर चर्चा शुरू कराना चाहती थी, लेकिन विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर हुई लाठीचार्ज का मुद्दा उठाकर सदन के भीतर जमकर नारेबाजी की। इस भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित होना पड़ा और आखिरकार बिना किसी ठोस चर्चा के सदन को स्थगित करना पड़ा था।
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