घर खरीदने के बाद केवल रजिस्ट्री काफी नहीं, मालिकाना हक के लिए ये दस्तावेज हैं बेहद जरूरी

यदि आपने नया घर या प्लॉट खरीदा है तो जान लें कि केवल सेल डीड यानी रजिस्ट्री से ही आप पूर्ण मालिक नहीं बनते। कानूनी रूप से संपत्ति पर अपना अधिकार पक्का करने के लिए आपको कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।

संपत्ति के असली मालिक बनने की प्रक्रिया

अक्सर लोग घर, फ्लैट या जमीन की रजिस्ट्री करवाते ही राहत की सांस ले लेते हैं और मानते हैं कि वे अब संपत्ति के कानूनी और एकमात्र मालिक बन गए हैं। हालांकि, कानूनी जानकारों और प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का मानना है कि केवल रजिस्ट्री यानी सेल डीड करा लेना मालिकाना हक की अंतिम गारंटी नहीं है। रजिस्ट्री महज एक ऐसा कानूनी दस्तावेज है जो यह प्रमाणित करता है कि विक्रेता ने एक तय राशि लेकर खरीदार के साथ संपत्ति हस्तांतरण का अनुबंध किया है। यदि आप विवादों से बचना चाहते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में खुद को सुरक्षित देखना चाहते हैं, तो आपको रजिस्ट्री के अलावा कुछ अन्य अहम दस्तावेजों को भी अपने पास संभाल कर रखना चाहिए।

दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन सर्टिफिकेट

संपत्ति खरीदने के बाद सबसे अनिवार्य प्रक्रिया म्यूटेशन की होती है। म्यूटेशन के माध्यम से स्थानीय नगर निगम या राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में विक्रेता का नाम हटाकर आपका नाम दर्ज किया जाता है। यदि आपने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो सरकारी फाइलों में पुराना मालिक ही दर्ज बना रहेगा। ऐसी स्थिति में भविष्य में कानूनी पेचीदगियां बढ़ सकती हैं, जैसे कि पुराना मालिक उस प्रॉपर्टी पर दोबारा लोन ले सकता है या आपके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने का खतरा बना रह सकता है।

कब्जे का प्रमाण यानी पजेशन लेटर

संपत्ति का मालिकाना हक तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक आपके पास पजेशन लेटर न हो। यह एक लिखित आधिकारिक दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि बिल्डर या पूर्व विक्रेता ने आपको उस संपत्ति का वास्तविक कब्जा सौंप दिया है। यह दस्तावेज इस बात का ठोस प्रमाण है कि अब आप उस जगह के भौतिक रूप से भी स्वामी हैं।

एन्कम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट और टैक्स रसीदें

एन्कम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट का होना यह सुनिश्चित करता है कि आपकी संपत्ति किसी भी कानूनी विवाद, मॉर्गेज या पुराने बकाया कर्ज से पूरी तरह मुक्त है। इसके अलावा, अपने नाम से प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें प्राप्त करना बेहद जरूरी है। एक बार रजिस्ट्री हो जाने के बाद नगर निगम में अपना खाता अपडेट करवाएं और समय पर टैक्स का भुगतान करें। नियमित टैक्स रसीदें अदालती मामलों में आपके मालिकाना हक को मजबूती से सिद्ध करने का सबसे बड़ा जरिया बनती हैं।

अन्य जरूरी दस्तावेज

यदि आप किसी अपार्टमेंट या हाउसिंग सोसाइटी में रह रहे हैं, तो आरडब्ल्यूए यानी RWA से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त करना न भूलें। साथ ही, बिजली, पानी और अन्य उपयोगिताओं के मीटर या कनेक्शन को तुरंत अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। इन सभी दस्तावेजों का होना न केवल आपकी प्रॉपर्टी को सुरक्षित बनाता है, बल्कि भविष्य में उसे बेचने या बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया को भी बेहद आसान कर देता है।

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