हादसा या साजिश
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में 19 जुलाई को हुए जिस भीषण हादसे को अब तक सड़क दुर्घटना मानकर जांच की जा रही थी, उसका सच बेहद चौंकाने वाला है। सुआतला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदिरा नगर के पास हुई इस घटना में 5 लोगों की जान चली गई थी। शुरुआती तौर पर इसे एक सामान्य सड़क हादसा समझा गया था, लेकिन पुलिस की गहरी जांच और तकनीकी सबूतों ने इस मामले को एक सुनियोजित हत्याकांड के रूप में बदल दिया है।
सेल्फी लेने के दौरान हुआ हमला
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध हाथीनाला वॉटरफॉल पर घूमने गए थे। वापसी के दौरान जब वे थार गाड़ी रोककर सेल्फी ले रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार हाईवा ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी। इस टक्कर में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतकों और आरोपियों के बारे में जानकारी मिली है कि वे सभी जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
दुश्मनी की जड़ें
जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरी साजिश राजेंद्र पटेल को निशाना बनाने के लिए रची गई थी। मृतक राजेंद्र पटेल और इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी आनंद राजपूत के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन और वर्चस्व को लेकर गहरा विवाद चल रहा था। इन दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दुश्मनी काफी पुरानी थी। पुलिस का कहना है कि राजेंद्र पटेल की हत्या का ताना-बाना करीब एक महीने पहले ही बुन लिया गया था।
डॉक्टर की भूमिका और लोकेशन ट्रैकिंग
इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए एक बड़ी टीम काम कर रही थी। आरोप है कि डॉक्टर अमित खरे ने मुख्य आरोपी आनंद राजपूत के साथ मिलकर इस पूरी योजना को तैयार किया। वारदात के दिन 10 से 11 लोग सक्रिय थे जो लगातार मृतकों की लोकेशन को ट्रैक कर रहे थे। ये लोग पल-पल की जानकारी मुख्य आरोपी तक पहुंचा रहे थे ताकि सही मौके पर हमला किया जा सके।
अंग्रेजी के 'A' अक्षर ने खोले राज
पुलिस के लिए सबसे बड़ी सफलता घटनास्थल पर मिला एक छोटा सा सुराग रहा। वहां से एक हाईवा का टूटा हुआ अंग्रेजी का अक्षर 'A' बरामद हुआ। इसी अक्षर ने पुलिस को वाहन की सही पहचान करने में मदद की और धीरे-धीरे पूरा नेटवर्क सामने आ गया। आरोपियों ने पहले से ही दो अलग-अलग हाईवा को विभिन्न स्थानों पर खड़ा कर रखा था, ताकि राजेंद्र पटेल की गाड़ी को टक्कर मारकर इसे केवल एक दुर्घटना साबित किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और अमित खरे समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस अभी भी शुभम, ऋतुराज और पीतम वर्मा जैसे कुछ फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच के कई और महत्वपूर्ण पहलू सामने आने बाकी हैं और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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