पटना में छात्रों के साथ सड़क पर उतरे तेज प्रताप यादव
बिहार की राजधानी पटना में नीट पेपर लीक मामले को लेकर मचे बवाल के बीच छात्रों के समर्थन में उतरे जन शक्ति जनता दल यानी जेजेडी के नेता तेज प्रताप यादव सुर्खियों में आ गए हैं। नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। इन छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में तेज प्रताप यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जिसके बाद पटना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया और छात्रों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
छात्रों के लिए जान देने तक की बात कही
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव ने जोश से भरी आवाज में कहा कि वे पूरी तरह से छात्रों और युवाओं के साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इन छात्रों के हक की लड़ाई के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हैं। उनका यह बयान उन प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है जो पेपर लीक कांड के बाद से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। गौरतलब है कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ आज बिहार बंद का ऐलान किया गया था, जिसका असर राज्य के कई शहरों में देखने को मिला।
पटना में भारी सुरक्षा व्यवस्था और झड़प
पटना में सुबह से ही प्रदर्शन की तपिश महसूस की जा रही थी। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और स्टेशन रोड जैसे प्रमुख इलाकों में प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की थी। कई जगहों पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। वहीं, जेपी गोलंबर के आसपास भी पुलिस ने छात्रों के जमावड़े को रोकने के लिए सख्ती बरती।
बिहार के अन्य जिलों में भी दिखा असर
आंदोलन की आंच केवल राजधानी पटना तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिहार के कई अन्य जिलों में भी इसका असर साफ दिखाई दिया। सीवान में स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव की घटना हुई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इसी तरह लखीसराय में कलेक्ट्रेट के पास प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में एक महिला पुलिसकर्मी के घायल होने की खबर है। औरंगाबाद में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ पथराव की घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें तीन मीडियाकर्मी भी शामिल हैं।
लगातार जारी रहेगा संघर्ष
वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बक्सर और जहानाबाद जैसे जिलों में भी छात्र संगठनों ने जुलूस निकाला और जमकर धरना-प्रदर्शन किया। इन इलाकों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और ड्रोन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। छात्र संगठनों का साफ कहना है कि जब तक नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं होती और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
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