गिरफ्तारी के बाद खुले बड़े राज
देश भर में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं के बीच जांच एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले के मुख्य मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को पुलिस ने बिहार के समस्तीपुर से दबोच लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे पुणे एयरपोर्ट लाया गया, जहां से उसे आगे की सघन पूछताछ के लिए भिवंडी ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार देश के कई अन्य राज्यों में फैले हुए हैं और बिजेंद्र से पूछताछ में बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
पत्नी की गिरफ्तारी से शुरू हुआ सिलसिला
इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब ठाणे पुलिस ने बिहार STF के सहयोग से 30 जून को बिजेंद्र की पत्नी सुमन गुप्ता को पटना के अगमकुआं स्थित एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया था। सुमन को उस समय ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले जाया गया था। इस हाई प्रोफाइल मामले में अब तक मुख्य आरोपी बिजेंद्र समेत कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले पुलिस राजीव शाह, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को भी शिकंजे में ले चुकी है।
प्रिंटिंग प्रेस से सीधे पेपर लीक
मीडिया रिपोर्ट्स और जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार बिजेंद्र पिछले छह महीनों से इस पूरी साजिश को अंजाम देने में जुटा था। सूत्रों ने जानकारी दी है कि पटना के पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक अपार्टमेंट में इस गिरोह ने कई गुप्त बैठकें आयोजित की थीं, जहां पूरा जाल बिछाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार प्रश्नपत्र को सीधे आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया था। आरोप है कि प्रेस में तैनात सोनू और अनूप ने प्रश्नपत्र के चारों सेट बिजेंद्र तक पहुँचाए, जिसके बाद उन्हें नेटवर्क के माध्यम से अभ्यर्थियों को बेचने की योजना थी।
25 साल का लंबा आपराधिक इतिहास
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड बताते हैं कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता का अपराध जगत से नाता नया नहीं है। वह करीब 25 साल से प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले गिरोहों का सक्रिय सदस्य रहा है। इस बार उसने महाराष्ट्र TET के पेपर को 1.50 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा तय किया था। बिजेंद्र का नाम साल 2023 के ओडिशा JEE पेपर लीक मामले में भी उछला था। उस मामले में 2025 में समस्तीपुर से ही उसके साले की गिरफ्तारी हुई थी।
कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
बिजेंद्र के खिलाफ बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और पटना पुलिस की फाइलों में पिछले चार साल से फरार चल रहा था। वर्तमान में पुलिस उसकी करीबी सहयोगी माने जाने वाले सोनीपत निवासी कपिल दहिया की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि देश के किन-किन अन्य राज्यों में इस मास्टरमाइंड ने सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की शुचिता को प्रभावित किया है।
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