मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी सर्जरी
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने शुक्रवार की देर रात एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए प्रदेश के 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की है। राज्य के नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के पदभार संभालने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही यह पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। इस फेरबदल को राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किए गए हैं।
इंदौर संभाग में बदलाव
इस तबादला सूची में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति इंदौर संभाग की मानी जा रही है। इंदौर संभाग के आयुक्त यानी कमिश्नर डॉ. सुदाम खड़े को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह पर भास्कर लक्षकार को इंदौर संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। यह बदलाव राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
7 जिलों के कलेक्टर बदले
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के 7 जिलों में नए कलेक्टरों की तैनाती की गई है। इन बदलावों के माध्यम से जिलों में काम की गति को तेज करने का लक्ष्य रखा गया है। सूची में शामिल प्रमुख नाम और जिले इस प्रकार हैं:
- अजय कटेसरिया को रतलाम का नया कलेक्टर बनाया गया है।
- रत्नाकर झा को अनूपपुर जिले की कमान सौंपी गई है।
- दिव्यांक सिंह मंदसौर के नए कलेक्टर के रूप में काम संभालेंगे।
- डॉ. शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
- गुरु प्रसाद को खरगोन जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
- मिशा सिंह को शहडोल जिले का कलेक्टर बनाया गया है।
अधिकारियों को मिलीं नई जिम्मेदारियां
इस बड़े फेरबदल में न केवल कलेक्टरों को बदला गया है, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया गया है। रतलाम की पूर्व कलेक्टर मिशा सिंह को अब शहडोल जिले की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मंदसौर में पहले से तैनात रहीं अदिति गर्ग को अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में पदस्थ किया गया है। प्रशासनिक गलियारों में इन तबादलों को राज्य सरकार के आगामी लक्ष्यों और विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के नजरिए से देखा जा रहा है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर सरकार का जोर
राज्य सरकार समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार इस प्रकार के फेरबदल करती रहती है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को गति देना और जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनाना है। नए कलेक्टरों के सामने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना, आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी होगी। सरकार को उम्मीद है कि नए अधिकारियों की तैनाती से शासन की कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। आम नागरिक भी इन नई नियुक्तियों के बाद अपने जिलों में बेहतर प्रशासनिक फैसले और जनहित के कार्यों में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/bhopal-mp-ias-transfer-7-district-collectors-changed-20-ias-officers-transferred-10687700.html