महादेव ऐप मामले में विकास गर्ग को न्यायिक हिरासत
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी का शिकंजा लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी विकास गर्ग को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इससे पहले विकास गर्ग ईडी की 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर थे। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनसे सघन पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
पत्नियों के खातों में हुआ लेनदेन
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी की पूछताछ में विकास गर्ग ने महादेव बेटिंग ऐप के संचालकों के साथ अपने गहरे संबंधों को लेकर कई राज उगले हैं। जांच में पता चला है कि विकास गर्ग और महादेव ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के बीच करीबी रिश्ता था। ईडी के हाथ ऐसे ठोस सबूत लगे हैं जिनसे यह पुष्टि होती है कि महादेव ऐप की अवैध कमाई को सफेद करने के लिए खेल रचा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के साथ-साथ इन दोनों आरोपियों की पत्नियों के बैंक खातों में भी भारी मात्रा में पैसे जमा करवाए गए थे।
काली कमाई को सफेद करने का खेल
ऐसा माना जा रहा है कि विकास गर्ग की भूमिका महादेव ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त काली कमाई को वैध बनाने में बेहद महत्वपूर्ण थी। जिस तरह से पैसों का हेरफेर किया गया, उससे स्पष्ट है कि बड़ी साजिश रची गई थी। विकास गर्ग को जब विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। आरोपी के परिजन उसका चेहरा मीडिया और लोगों की नजरों से बचाने के लिए टॉवेल लेकर पहुंचे थे, जिसके कारण कोर्ट परिसर में काफी भीड़ जमा हो गई थी। ईडी अब विकास गर्ग द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
कौन हैं विकास गर्ग और क्या है उनका बैकग्राउंड
विकास गर्ग एबिक्स कंपनी के चेयरमैन हैं और एराया लाइफ स्पेसिस लिमिटेड से जुड़े एक प्रभावशाली व्यवसायी माने जाते हैं। उनका राजनीतिक जुड़ाव भी रहा है। विकास गर्ग दिल्ली भाजपा के तीन बार के विधायक रहे नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। साल 2024 में उन्हें दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया गया था। हालांकि, महादेव सट्टा मामले में गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत प्रभाव से उन्हें पद से हटा दिया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी।
एबिक्स सौदे पर उठे बड़े सवाल
विकास गर्ग तब चर्चा में आए थे जब उनकी कंपनी एराया लाइफस्पेसेस ने दिवालिया हो चुकी अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी Ebix को लगभग 1,273 करोड़ रुपए की बड़ी रकम में खरीदने का फैसला किया था। इस बड़े निवेश ने उस समय कई सवाल खड़े कर दिए थे। ईडी का आरोप है कि महादेव बेटिंग ऐप से जुटाई गई अवैध कमाई का इस्तेमाल करके ही दूसरी कंपनियों को खरीदने या उनमें निवेश करने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि इसी सट्टे के पैसे का उपयोग एबिक्स को खरीदने के लिए किया गया था। अब ईडी इस पूरे वित्तीय नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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