संघर्ष से सफलता की अनूठी दास्तां
बिहार के जहानाबाद जिले के मई गांव के रहने वाले अभिनंदन कुमार की जीवन यात्रा किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है। आर्थिक तंगी से जूझते हुए उन्होंने जिस तरह से अपनी पहचान बनाई है, वह उन युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है जो शून्य से शिखर तक पहुंचने का सपना देखते हैं। आज अभिनंदन मां सुमित्रा भूमि प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने लंबा और कठिन संघर्ष किया है। पिछले साल उनकी कंपनी का कुल टर्नओवर ₹2 करोड़ दर्ज किया गया है।
शुरुआती दौर और बाहर काम की मजबूरी
अभिनंदन ने अपने गांव के सरकारी स्कूल से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की थी। घर की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उनके माता-पिता उनकी उच्च शिक्षा का खर्च उठाने में असमर्थ थे। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिनंदन को कम उम्र में ही घर छोड़कर बाहर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वे रोजगार की तलाश में दिल्ली, शिमला और मुंबई जैसे शहरों तक गए। हालांकि, वहां उन्हें जो काम मिला उसमें उनकी कमाई काफी सीमित रही। वे महीने में अधिकतम ₹6,000 तक ही कमा पाते थे, जिसमें उनका अपना खर्च निकालना और घर पैसे भेजना बहुत मुश्किल हो जाता था। अंततः निराश होकर उन्होंने अपने घर लौटने का फैसला किया।
घर वापसी और भविष्य की तलाश
करीब चार साल तक बाहरी शहरों में मेहनत करने के बाद अभिनंदन वापस जहानाबाद लौट आए। साल 2012 में उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की, लेकिन पढ़ाई के बाद भी वही पुराना सवाल उनके सामने खड़ा था कि आखिर आजीविका कैसे चलाई जाए। वे लगातार इसी सोच में डूबे रहते थे कि कम संसाधनों में आगे बढ़ने का रास्ता क्या हो सकता है। इसी दौरान उनकी मुलाकात कुछ ऐसे मित्रों से हुई जो रियल एस्टेट यानी जमीन की खरीद-बिक्री के काम में सक्रिय थे। उन मित्रों ने अभिनंदन को सलाह दी कि वे भी इस क्षेत्र में अपना हाथ आजमाएं।
जमीन की खरीद-बिक्री से हुई शुरुआत
रियल एस्टेट के काम को समझते हुए अभिनंदन ने सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों को जमीन दिलाने में मदद की। इस शुरुआती सौदे से उन्हें पहली बार ₹2,000 का मुनाफा हुआ। यहीं से उनके व्यावसायिक जीवन का असली सफर शुरू हुआ। उन्होंने महसूस किया कि दो पक्षों को आपस में जुड़वा कर जमीन का सौदा करवाना न केवल एक काम है, बल्कि एक अवसर भी है। उन्होंने इस काम की बारीकियों को गंभीरता से सीखना शुरू किया और दिन-रात मेहनत में जुट गए।
अपनी कंपनी और ₹2 करोड़ का टर्नओवर
लगातार मेहनत और सूझबूझ का नतीजा यह रहा कि अभिनंदन ने साल 2025 में अपनी खुद की कंपनी मां सुमित्रा भूमि प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे व्यवसाय में विस्तार होता गया। आज उनकी कंपनी का पिछले साल का कुल टर्नओवर ₹2 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। उनकी इस कंपनी में वर्तमान में करीब 30 लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। अभिनंदन का मानना है कि रियल एस्टेट के माध्यम से वे लोगों को बेहतर और सुलभ सुविधाएं मुहैया करा पा रहे हैं। उनका यह सफर इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो छोटे से निवेश और बड़ी मेहनत के दम पर एक सफल साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है।
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