भ्रामक जानकारियों से रहें सावधान, स्वास्थ्य मंत्री निशांत का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल जारी

बिहार स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि मंत्री से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं के लिए केवल उनके अधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ही भरोसा करें और फर्जी पोस्ट से बचें।

आधिकारिक जानकारी के लिए जारी हुआ नया निर्देश

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। यह निर्देश विशेष रूप से आम जनता, मीडिया कर्मियों और अन्य संबंधित पक्षों के लिए है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत से संबंधित हर प्रकार की आधिकारिक जानकारी अब केवल उनके सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ही साझा की जाएगी। विभाग ने नागरिकों से यह आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक या अपुष्ट सूचनाओं के जाल में न फंसें और केवल प्रामाणिक सूचनाओं का ही संज्ञान लें।

क्यों जरूरी है आधिकारिक सोशल मीडिया का सत्यापन

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी सूचनाएं प्रसारित हो जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता। विभाग ने बताया है कि स्वास्थ्य मंत्री से जुड़ी गलत जानकारी या फर्जी पोस्ट से बचने का एकमात्र तरीका उनके आधिकारिक हैंडल की जांच करना है। विभाग का मानना है कि सोशल मीडिया पर अक्सर भ्रामक खबरें वायरल हो जाती हैं, जिससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में किसी भी सरकारी बयान, कार्यक्रम की जानकारी, या स्वास्थ्य विभाग से जुड़े बड़े फैसलों की पुष्टि के लिए केवल मंत्री के आधिकारिक अकाउंट का उपयोग करना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका है।

क्या-क्या जानकारी साझा की जाएगी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री का कार्यालय समय-समय पर विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियों को इन्हीं आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों पर अपलोड करेगा। इनमें निम्नलिखित बिंदु प्रमुखता से शामिल हैं:

  • राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं और उनसे जुड़े बड़े फैसले।
  • विभागीय स्तर पर होने वाली गतिविधियां और महत्वपूर्ण बैठकें।
  • जनहित में चलाई जा रही कल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
  • मंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम और अन्य आधिकारिक घोषणाएं।

इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए जानकारी साझा करने का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और मीडिया संस्थानों तक सही समय पर सही सूचना पहुंचाना है। इससे अफवाहों पर लगाम लगेगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बनी रहेगी।

मीडिया और जनता से विशेष अपील

स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया संस्थानों और आम नागरिकों से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी अनधिकृत सोशल मीडिया पोस्ट या वायरल संदेश को बिना पुष्टि किए साझा करने से बचें। सोशल मीडिया पर दिखने वाली किसी भी संदिग्ध खबर को आधिकारिक हैंडल से मिलाना बेहद जरूरी है। विभाग का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही हम गलत सूचनाओं के प्रसार को रोक सकते हैं और समाज तक सटीक जानकारी पहुंचा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सभी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर स्वास्थ्य विभाग की कड़ी निगरानी रहती है, ताकि वहां से जारी होने वाली हर सूचना पूरी तरह से विश्वसनीय और मान्य हो। अतः, यह सलाह दी जाती है कि केवल उन्हीं सूचनाओं को आधिकारिक और अधिकृत माना जाए जो इन प्रमाणित माध्यमों से जारी की गई हैं।

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