मुंगेर का वीर सपूत: भारत-पाक सीमा पर शहीद हुए बीएसएफ जवान चंदन कुमार सिंह का पार्थिव शरीर घर पहुंचा

पंजाब के फिरोजपुर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए बीएसएफ जवान चंदन कुमार सिंह को उनके पैतृक गांव मुंगेर में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पूरा इलाका गमगीन हो गया और हजारों लोगों ने तिरंगे में लिपटे वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीमा पर तैनात मुंगेर का लाल हुआ शहीद

बिहार के मुंगेर जिले के लिए एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। पंजाब के फिरोजपुर में स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान चंदन कुमार सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। वे देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हुए शहीद हो गए। जब उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां का माहौल पूरी तरह से भावुक और गमगीन हो गया।

ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहीद चंदन कुमार सिंह मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड के जवायद गांव के निवासी थे। वे बीएसएफ की A/99 बटालियन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर मुस्तैदी के साथ तैनात थे। बताया गया है कि हाल ही में ड्यूटी के दौरान अचानक करंट लगने की वजह से उनकी स्थिति बिगड़ गई और वे शहीद हो गए।

गांव में पसरा मातम

शुक्रवार को जैसे ही बीएसएफ के विशेष वाहन के जरिए जवान का पार्थिव शरीर उनके गांव जवायद पहुंचा, वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोग उमड़ पड़े। गांव की गलियां भारत माता की जय और चंदन कुमार अमर रहें के नारों से गूंज उठीं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देख वहां मौजूद ग्रामीणों का दिल भर आया।

सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

शहीद के घर पहुंचते ही बीएसएफ के जवानों ने सैन्य परंपरा का पालन करते हुए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और सलामी पेश की। इस मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थित होकर शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किए। प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी जवान की शहादत पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

अंतिम संस्कार के लिए सुल्तानगंज प्रस्थान

घर पर श्रद्धांजलि सभा और अंतिम दर्शन के बाद, शहीद चंदन कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे हुए विशेष सैन्य वाहन में रखा गया। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान और भारी जनसमूह की मौजूदगी में उनकी अंतिम यात्रा सुल्तानगंज गंगा घाट के लिए रवाना हुई। सुल्तानगंज में ही राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाना सुनिश्चित किया गया है। मुंगेर के लोगों ने अपने इस वीर जवान को एक भावभीनी विदाई दी, जिसकी शहादत पर पूरे इलाके को गर्व है।

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