NTA की कार्यप्रणाली में सुधार का बड़ा फैसला
नीट परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में मचे सियासी बवाल और छात्रों के प्रदर्शन के बीच सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। जंतर मंतर से लेकर संसद तक जारी हंगामे के बीच अब शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। आज रात 8 बजे एक महत्वपूर्ण घोषणा की जाएगी, जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में बड़े सुधारों और बदलावों की जानकारी दी जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और छात्रों के लिए विश्वसनीय बनाना है।
पेपर लीक के खिलाफ मोदी सरकार का कड़ा कानून
परीक्षाओं में धांधली पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने एक सख्त कानून को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत पेपर लीक जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों को 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, सरकार ने इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था भी की है, ताकि दोषियों को 3 महीने के भीतर सजा सुनाई जा सके। सरकार इस बिल को सोमवार को संसद में पेश करने की तैयारी में है।
NTA का कामकाज और वर्तमान स्थिति
साल 2017 में गठित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 2018 से लेकर अब तक कुल 270 बड़ी परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिसमें 6 करोड़ 60 लाख छात्र शामिल हुए हैं। चालू वर्ष की बात करें तो NTA अब तक 12 परीक्षाएं संपन्न करवा चुका है, जिनमें 65 लाख छात्र शामिल हुए हैं। एजेंसी की आंतरिक संरचना पर नजर डालें तो यहां 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 24 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि 15 पद अभी भी खाली हैं। इसके अतिरिक्त, एजेंसी में 73 लोग संविदा पर और 124 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए सेवाएं दे रहे हैं।
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