गिरिडीह का सनसनीखेज हत्याकांड: जीजा ही निकला साले का कातिल, जंगल में मिला कंकाल

झारखंड के गिरिडीह से लापता हुए एक युवक की हत्या का खुलासा उसके अपने जीजा ने किया है। आरोपी ने प्रेम संबंधों के चलते अपने साले की हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया था।

गिरिडीह से लापता युवक का कंकाल बरामद

गिरिडीह जिले से करीब एक महीने पहले लापता हुए शंकर कुमार सिंह उर्फ बिंदु सिंह का कंकाल धनबाद के टुंडी थाना इलाके के बसहा जंगल से बरामद हुआ है। पुलिस की सघन जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शंकर की बेरहमी से हत्या उसके अपने ही जीजा चंदन कुमार भोक्ता ने की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब 1 जुलाई को शंकर के पिता हृदय नारायण सिंह ने गिरिडीह के पीरटांड़ थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी। उस समय परिवार ने प्रयागराज की रहने वाली सोनिया नामक महिला पर अपहरण का शक जताया था, जो अपने पति और तीन बच्चों को छोड़कर धनबाद में रह रही थी।

जांच में तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व एसडीपीओ आबिद खान कर रहे थे। पुलिस ने घटना स्थल और तकनीकी पहलुओं पर काम करना शुरू किया। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच का घेरा सोनिया तक पहुंचा। पूछताछ के दौरान सोनिया ने स्वीकार किया कि पहले उसके संबंध चंदन के साथ थे और चंदन ने ही उसकी मुलाकात अपने साले शंकर से करवाई थी। इस कड़ी के आधार पर पुलिस ने देवघर के सीरसा गांव से चंदन को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया।

प्रेम प्रसंग और रंजिश का खूनी अंत

आरोपी चंदन ने पूछताछ में बताया कि उसका और सोनिया का प्रेम संबंध था। सोनिया पहले से शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे हैं, जो अपने पति से अलग रह रही थी। इसी बीच शंकर भी सोनिया से शादी करने की जिद पर अड़ गया। चंदन के अनुसार, शंकर लगातार दबाव बना रहा था और ऐसा न करने पर सोनिया से जुड़े राज खोलने की धमकी दे रहा था। इस बात से नाराज होकर चंदन ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। चंदन ने शंकर को मोटरसाइकिल पर बिठाया और कहा कि वह उसे सोनिया से मिलवाएगा। रास्ते में टुंडी के बसहा जंगल के सुनसान इलाके में ले जाकर उसने पहले पत्थर से शंकर के सिर पर घातक प्रहार किया और बाद में गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

फॉरेंसिक साक्ष्य और पुलिस की कार्रवाई

हत्या को अंजाम देने के बाद चंदन शव को जंगल में छोड़कर फरार हो गया था, जो एक महीने बाद केवल कंकाल के रूप में मिला। पुलिस ने घटनास्थल से नारंगी रंग का गमछा, शर्ट, जींस, अंतर्वस्त्र, एक जोड़ी चप्पल, मोबाइल फोन और चाकू जैसी सामग्री बरामद की है। इन सभी वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक तरीके से हत्या के समय और तौर-तरीकों की पुष्टि की जा सके। SIT और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मिलकर इस पूरी घटना के हर बारीक पहलू की जांच कर रहे हैं ताकि मामले में किसी अन्य की संलिप्तता का भी पता लगाया जा सके।

कानूनी प्रक्रिया और समाज के लिए सबक

आरोपी चंदन के खिलाफ हत्या, मारपीट और सबूत मिटाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। शंकर के परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं और वे कानूनी न्याय की राह देख रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात की भारी चर्चा है कि जिसने शिकायत दर्ज करवाई, वही खुद कातिल निकला। एसडीपीओ आबिद खान ने आम लोगों से अपील की है कि अगर इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी उनके पास है, तो वे तुरंत पुलिस को बताएं। यह मामला मानवीय रिश्तों में आई कड़वाहट और एक युवक की शादी की जिद के कारण हुई हिंसक परिणति को दर्शाता है, जो समाज के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

https://www.indiatv.in/crime/jharkhand-giridih-skeleton-of-man-missing-was-recovered-a-month-later-murdered-by-his-own-brother-in-law-2026-07-24-1233161