CJI की दो टूक, बिना याचिका के सुनवाई संभव नहीं
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन से संबंधित विषय पर अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से व्यक्त की। अदालत ने उन परिस्थितियों पर कड़ा रुख अपनाया है जिसमें वकील बिना किसी विधिवत दायर की गई याचिका के सीधे कोर्ट में मामले को उठाते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया कि उनके सामने इस मामले से जुड़ी एक पन्ने की भी याचिका प्रस्तुत नहीं की गई थी, बावजूद इसके मामले को अचानक उठाया गया। हाल के दिनों में मीडिया में कुछ ऐसी खबरें चली थीं जिनमें यह दावा किया गया कि कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से संबंधित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए यह कहा कि उनका समय बर्बाद न किया जाए। अब मुख्य न्यायाधीश ने इस पूरे घटनाक्रम की असलियत पर प्रकाश डाला है।
क्या बोले CJI सूर्यकांत
अदालत की कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए सीधे अदालत में मामला लाने की प्रवृत्ति सही नहीं है। उन्होंने उन वकीलों की आलोचना की जो बिना याचिका दाखिल किए मामले को सदन के सामने ले आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिश्रा नामक एक वकील ने अचानक खड़े होकर इस विषय को छेड़ दिया था। जब अदालत ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो मीडिया ने इसे गलत तरीके से पेश किया कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई ही नहीं करना चाहता। मुख्य न्यायाधीश ने इस तरह की अधूरी जानकारी के आधार पर की गई रिपोर्टिंग की कड़ी निंदा की है।
न्यायिक प्रक्रिया पर जोर
अदालत का मानना है कि किसी भी मामले की सुनवाई के लिए पूरी जानकारी का होना अनिवार्य है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बिना याचिका के सुनवाई की अपेक्षा करना कानूनी मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने मीडिया को भी सलाह दी कि कोई भी खबर चलाने से पहले तथ्यों को पूरी तरह समझ लेना चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
NEET UG पेपर लीक मामले पर सख्त रुख
एक अलग मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG पेपर लीक विवाद पर अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि परीक्षाओं में गलतियों के इस सिलसिले को अब हर हाल में समाप्त करना होगा। कोर्ट ने इस पूरी जांच की स्वयं निगरानी करने का निर्णय लिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने इस संबंध में निम्नलिखित बिंदु उठाए हैं:
- गलतियों के इस पूरे दौर को अब बंद करना होगा।
- अदालत इस मामले की पूरी जांच की निगरानी करेगी।
- हम इसके लिए हर संभव प्रयास यानी एक्सट्रा माइल जाएंगे।
- एनटीए को कंप्यूटर आधारित टेस्ट की पूरी जानकारी देनी होगी।
- क्वेश्चन पेपर यानी QP छात्रों तक सुरक्षित तरीके से कैसे पहुंचेंगे, यह बताना होगा।
- परीक्षा प्रणाली में साइबर सुरक्षा के पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी आवश्यक है।
https://www.indiatv.in/india/national/delhi-neet-protest-supreme-court-cji-suryakant-said-we-did-not-even-have-a-single-page-petition-before-us-2026-07-24-1233149