बिहार विधानसभा मानसून सत्र का अंतिम दिन: सुरक्षा का कड़ा पहरा और हंगामे के पूरे आसार

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का आज पांचवा और समापन दिवस है, जिसमें विपक्ष के तीखे तेवर और महत्वपूर्ण विधायी कामकाज की संभावना है।

सदन में आखिरी दिन की हलचल

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का आज शुक्रवार को पांचवा और अंतिम दिन है। सत्र के समापन को देखते हुए राजधानी पटना स्थित विधानसभा परिसर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। छात्रों के संभावित विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए परिसर के भीतर और बाहर भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी CISF, जिला पुलिस और BMP के जवानों को सौंपी गई है, ताकि सदन की कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

तेजस्वी यादव की उपस्थिति पर नजर

सत्र के पिछले चार दिनों के दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी रही है। यहां तक कि विधान परिषद में राबड़ी देवी भी सदन में उपस्थित नहीं हो सकी थीं। बीते दिन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी विपक्ष के इन प्रमुख नेताओं के सदन से दूर रहने पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सत्र के आखिरी दिन तेजस्वी यादव सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहमागहमी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

आज के प्रमुख विधायी कार्य

सत्र के अंतिम दिन सदन में कई महत्वपूर्ण नियम और विधेयक रखे जाएंगे, जिन पर चर्चा और हंगामे की पूरी संभावना है:

  • नए नियम और नियमावली: पथ निर्माण मंत्री द्वारा बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 और बिहार तकनीकी सेवा संशोधन नियमावली 2026 की प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी।
  • वीर कुंवर सिंह स्मारक का मुद्दा: विधान परिषद में महेश्वर सिंह सहित कुल 6 सदस्य भोजपुर स्थित वीर कुंवर सिंह स्मारक और वहां बने संग्रहालय की जर्जर स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे।
  • शिक्षकों की पेंशन का सवाल: सदन में जीवन कुमार द्वारा 10 वर्ष से कम सेवा वाले नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए सम्मानजनक पेंशन की मांग रखी जाएगी।
  • पुरानी पेंशन योजना: वंशीधर ब्रजवासी की ओर से पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से बहाल करने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा।
  • अध्यक्षीय संबोधन: दिन के अंत में विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति का समापन भाषण होगा, जिसके साथ ही सत्र के आधिकारिक समापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बीते दिन का घटनाक्रम

गुरुवार को भी सदन के भीतर और बाहर का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। विपक्षी विधायकों ने लाठीचार्ज की घटना के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 'भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ' के नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। भारी हंगामे के बीच विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी किया।

विनियोग विधेयक और राज्य की आर्थिक स्थिति

विपक्ष के विरोध और बहिर्गमन के बीच विधानसभा ने 'बिहार विनियोग विधेयक, 2026' को पारित कर दिया। इस विधेयक के पास होने से सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की संचित निधि से ₹87,383.43 करोड़ की राशि निकालने की अनुमति मिल गई है। इस वित्तीय मसले पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य में किसी भी तरह के वित्तीय संकट होने की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र से मिलने वाले फंड में देरी होने की स्थिति में राज्य सरकार आकस्मिक निधि से कामकाज का संचालन करती है, जिसे बाद में समायोजित कर लिया जाता है।

इस कुल राशि का एक बड़ा हिस्सा राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के विकास कार्यों और खर्चों के लिए आवंटित किया गया है, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹13,682 करोड़, समाज कल्याण के लिए ₹16,485 करोड़, वित्त विभाग के लिए ₹14,637 करोड़ और ऊर्जा विभाग के लिए ₹11,494 करोड़ का प्रावधान शामिल है।

https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-bihar-vidhansabha-monsoon-session-last-day-24-july-live-updates-chaos-expected-cm-samrat-chaudhary-tejashwi-yadav-local18-ws-l-10685256.html