अमेरिका में भारत का बड़ा कदम, ट्रेड से लेकर ओलंपिक तक महाप्लान तैयार

लॉस एंजिल्स में स्थित भारतीय दूतावास अब केवल कूटनीतिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापार, तकनीक और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक सुपर मिशन की तरह काम कर रहा है।

लॉस एंजिल्स दूतावास की बदलती भूमिका

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब यह संस्थान केवल पासपोर्ट और वीजा जारी करने जैसे सीमित कार्यों तक ही सीमित नहीं रह गया है। इसके बजाय, यह भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त 'सुपर मिशन' के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।

चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश

दूतावास के माध्यम से भारत और अमेरिका मिलकर एक महत्वपूर्ण रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना है। इसके लिए दोनों देश सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए सीधे तौर पर प्रयास कर रहे हैं। यह कदम भविष्य की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

व्यापार और रिसर्च में भारतीय कंपनियों का दबदबा

भारतीय कंपनियों की वैश्विक मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में हुए 'BIO इंटरनेशनल कन्वेंशन' में 52 भारतीय कंपनियों ने भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। भारत अब UCLA जैसी शीर्ष अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के साथ रिसर्च पार्टनरशिप को बढ़ावा दे रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान और मजबूत होगा।

लॉस एंजिल्स ओलंपिक और क्रिकेट की वापसी

इस महाप्लान का एक और रोमांचक पहलू खेल से जुड़ा है। वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी होने जा रही है। करीब 100 साल बाद ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल करने की तैयारियां की जा रही हैं। भारतीय दूतावास इस बड़े आयोजन की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभा रहा है, जो खेल जगत में भारत के प्रभाव को वैश्विक स्तर पर और अधिक बढ़ाने वाला है।

https://hindi.news18.com/world/america-india-new-super-mission-in-los-angeles-how-the-la-consulate-is-driving-trade-critical-minerals-2028-olympics-cricket-10684783.html