रतलाम में अवैध खनन माफिया का कहर, पटवारी के साथ बेरहमी से मारपीट कर तोड़ा हाथ

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सरकारी ड्यूटी पर गए एक पटवारी पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल उनके कपड़े फाड़े, बल्कि मारपीट कर उनका हाथ भी तोड़ दिया।

कानून को चुनौती देता माफिया

मध्य प्रदेश का रतलाम जिला इन दिनों अवैध खनन करने वाले माफियाओं के आतंक से जूझ रहा है। यहां की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि सरकारी कामकाज करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी अब सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला आलोट के देवगढ़ गांव से सामने आया है, जहां अवैध खनन रोकने की कोशिश करने वाले एक पटवारी पर माफियाओं ने न केवल हमला किया, बल्कि उन्हें बुरी तरह घायल भी कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा घटनाक्रम

यह मामला गुरुवार दोपहर का है, जब बरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवगढ़ गांव में पटवारी अजय चौहान अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन करने पहुंचे थे। काम के दौरान उनकी नजर एक नाले के पास अवैध खनन पर पड़ी, जहां जेसीबी और ट्रैक्टर के जरिए मिट्टी निकाली जा रही थी। अजय चौहान ने तुरंत अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वहां मौजूद लोगों से खुदाई के वैध दस्तावेज मांगे। हालांकि, आरोपियों ने न तो कोई जवाब दिया और न ही खनन से जुड़ा कोई दस्तावेज दिखाया।

जब पटवारी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों के सामने पंचनामा तैयार कर जेसीबी को जब्त करके पुलिस थाने ले जाने का निर्देश दिया, तो आरोपी भड़क उठे। शुरुआत में तीन लोगों ने पटवारी के साथ हाथापाई शुरू कर दी। देखते ही देखते वहां एक और व्यक्ति पहुंच गया और चारों ने मिलकर पटवारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने न केवल उनके कपड़े फाड़ दिए, बल्कि उनके बैग से सरकारी पंचनामा निकालकर उसे भी नष्ट कर दिया।

इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर

इस हिंसक हमले में पटवारी अजय चौहान का हाथ फ्रैक्चर हो गया है। हमला करने के बाद सभी आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल से फरार होने में सफल रहे। घायल पटवारी ने जैसे-तैसे वरिष्ठ अधिकारियों और डायल-112 को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अजय चौहान को प्राथमिक उपचार के लिए पहले आलोट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोट होने के कारण उन्हें बाद में रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

पहले भी सामने आ चुकी है अनुमति की मांग

पीड़ित पटवारी ने खुलासा किया कि आरोपी पहले भी उनके पास जेसीबी चलाने की अनुमति मांगने आए थे, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बावजूद माफिया अवैध खनन में लगे रहे। अजय चौहान के अनुसार, जब वह मौके पर थे, तब उन्हें एक व्यक्ति का फोन भी आया था जिसमें उन्हें मामले को वहीं छोड़ देने की धमकी दी गई थी। उनका कहना है कि यह खनन पुलिस थाने के पास ही किया जा रहा था, जिससे भवन को भी खतरा हो सकता था। इस पूरे मामले पर आलोट की तहसीलदार वंदना कराड़े ने पुष्टि की है कि पटवारी अपने क्षेत्र में सरकारी आदेशों का पालन कराने गए थे, जहां अवैध खनन रोकने पर उनके साथ मारपीट की गई।

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