सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, सरकार के आश्वासन के बाद लिया बड़ा फैसला

शिक्षा सुधार और नीट पेपर लीक के विरोध में अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सरकारी मंत्रियों से मुलाकात के बाद अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का भरोसा दिया है।

सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

प्रसिद्ध एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी है। गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मुलाकात की। इन दो बड़े मंत्रियों की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन तोड़ा। सरकार की ओर से मिले सकारात्मक संदेशों के बाद वांगचुक ने यह बड़ा फैसला लिया।

सरकार का भरोसा और मांगों पर रुख

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि उनकी सभी जायज मांगों पर उचित फोरम में विचार किया जाएगा। सरकार ने यह आश्वासन भी दिया है कि नीट पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज किए गए कानूनी मामलों पर फिर से विचार किया जाएगा और उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुलाकात से पहले ही इस संबंध में संकेत दे दिए थे, जिसके बाद वांगचुक ने सरकार के प्रति भरोसा जताया।

पीएम मोदी के सख्त कानून का असर

सोनम वांगचुक के इस फैसले के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हाल ही में दिए गए बयानों की बड़ी भूमिका रही है। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि आगामी सप्ताह में संसद के भीतर इस संबंध में एक नया और कड़ा कानून पेश किया जाएगा। सरकार के इस त्वरित एक्शन और मामले को लेकर दिखाए गए गंभीर रवैये को देखते हुए वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करना उचित समझा।

छात्रों के लिए वांगचुक का संदेश

अस्पताल से ही सोनम वांगचुक ने छात्रों के नाम एक विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन वांगचुक ने हिंसा से दूर रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र रास्ता शांति का है। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि कुछ तत्व आंदोलन में हिंसा भड़काने की साजिश कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों का जवाब केवल फूलों और अहिंसा के जरिए होना चाहिए।

शांतिपूर्ण आंदोलन पर जोर

सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों को याद दिलाया कि लोकतंत्र में अपनी बात मनवाने के लिए अहिंसा का मार्ग ही सबसे प्रभावशाली है। सरकार के साथ बनी सहमति और प्रधानमंत्री के सख्त रुख ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सभी की नजरें संसद में पेश होने वाले उस नए कानून पर टिकी हैं, जिसके जरिए सरकार भविष्य में पेपर लीक जैसी धांधलियों को रोकने का वादा कर रही है।

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