डिंडौरी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सूबे की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि अस्पताल के आकस्मिक सेवा वार्ड में भर्ती एक मरीज को इलाज के नाम पर सलाइन की बोतल की जगह मिनरल वाटर की दो लीटर वाली बोतल चढ़ाई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय का है जब एक मरीज को नशीले पदार्थ के सेवन के बाद उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। मरीज के पेट के अंदर मौजूद जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के लिए उसे गैस्ट्रिक लैवेज की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसी प्रक्रिया के दौरान वहां मौजूद स्टाफ ने सलाइन की जगह आम इस्तेमाल में आने वाली मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग ड्रिप सिस्टम के रूप में कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
स्टाफ नर्स और डॉक्टर का पक्ष
इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए स्टाफ नर्स भारती चौधरी ने बताया कि मिनरल वाटर की उस बोतल का इस्तेमाल ड्रिप की तरह नहीं किया जा रहा था। उनका कहना था कि यह एक चिकित्सकीय प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके माध्यम से मरीज के शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकाला जाना था। नर्स ने दावा किया कि उन्हें ऐसा करने का निर्देश ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर भरत साहू ने दिया था। हालांकि, नर्स का यह भी कहना है कि उनकी ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह घर चली गई थीं, इसलिए उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इसके बाद वहां क्या हुआ और वीडियो किसने बनाया या वायरल किया।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया और जांच
वीडियो वायरल होने के बाद सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जानकारी मिल रही है कि डॉ. मनोज पांडे ने इस घटना की पूरी रिपोर्ट कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को भेज दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि यह भाजपा शासित प्रदेश का खौफनाक सच है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या डिंडौरी जिला अस्पताल में सलाइन की जगह मिनरल वाटर चढ़ाना ही प्रदेश सरकार का विश्व स्तरीय स्वास्थ्य मॉडल है? इस बयान के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।
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