पुलिस और कैदी के बीच लुका-छिपी का खेल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ट्रिपल मर्डर के आरोपी द्वारा पुलिस को दी गई चुनौती ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। हनी दुबे नाम का यह कैदी, जिसे पैरोल पर जेल से बाहर भेजा गया था, अपनी अवधि खत्म होने के बाद वापस नहीं लौटा। जब पुलिस ने मशक्कत करके उसे ढूंढ निकाला, तो वह गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद पुलिसकर्मियों को गच्चा देकर रफूचक्कर हो गया। आरोपी के इस तरह फरार होने के बाद पुलिस महकमे में अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में सड़कों पर उतर आईं, लेकिन वह बहोड़ापुर थाने के बिलकुल करीब ही एक बंद पड़े मकान में छिपकर बैठा था और वहां से पुलिस की हर हरकत पर बारीक नजर रखे हुए था। काफी खोजबीन और घेराबंदी के बाद पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
हिरासत से फरार होने पर मचा बवाल
गुना के कुख्यात सीरियल किलर हनी दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसे बहोड़ापुर पुलिस ने हिरासत में लिया था। गुरुवार का दिन ग्वालियर पुलिस के लिए काफी तनावपूर्ण रहा क्योंकि पुलिस की गिरफ्त में आने के कुछ ही समय बाद हनी दुबे चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस के लिए हैरानी की बात यह थी कि जिस आरोपी को पूरा शहर छानने के बाद भी ढूंढना मुश्किल हो रहा था, वह बहोड़ापुर थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक सूने मकान के चौकीदार वाले कमरे में दुबका हुआ था। जब पुलिस ने मकान का ताला खोलकर तलाशी ली, तो वह वहीं मौजूद मिला। दोबारा पकड़े जाने के बाद उसे वापस बहोड़ापुर थाने में कड़ी निगरानी के तहत लाया गया है।
साल 2017 का खौफनाक ट्रिपल मर्डर
हनी दुबे के अपराधों का इतिहास काफी पुराना और गंभीर है। उसने अपनी मां के साथ मिलकर साल 2017 में तीन युवकों, हेमंत मीणा, लोकेश लोधा और ऋतिक नामदेव की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इन तीनों की हत्या के बाद सबूत मिटाने की नियत से उनके शवों को जला दिया गया था। इस जघन्य हत्याकांड में दोषी पाए जाने के बाद से ही हनी दुबे आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। हाल ही में उसे कुछ दिनों के लिए पैरोल पर जेल से रिहाई मिली थी, लेकिन अपनी पैरोल की अवधि पूरी होने के बावजूद वह ग्वालियर सेंट्रल जेल में वापस नहीं आया। जेल प्रशासन द्वारा इस संबंध में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद बहोड़ापुर पुलिस ने एक मुखबिर की सूचना पर उसे गुरुवार को पकड़ लिया था। पुलिस उसे जब एफआरवी वाहन से जेल ले जा रही थी, उसी समय उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और भाग निकला।
थाने के पास ही बना रखा था ठिकाना
हनी दुबे के फरार होते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सतर्क हो गए और कई थानों की पुलिस को उसकी तलाश में लगा दिया गया। इलाके की घेराबंदी की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इस दौरान यह बात सामने आई कि वह बहोड़ापुर थाने के बेहद करीब ही छिपकर बैठा था। करीब 4 घंटे तक चले इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद जब मकान का ताला खुलवाया गया, तो पुलिस ने उसे पूरी तरह से घेरकर धर दबोचा। आरोपी को फिलहाल बहोड़ापुर थाने में ही रखा गया है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उसे वापस ग्वालियर सेंट्रल जेल भेज दिया जाएगा।
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