ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक संभावित बड़े हमले के संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से भी अधिक प्रभावशाली और ज़बरदस्त सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक किसी अंतिम निर्णय पर मुहर नहीं लगी है। इज़राइल के चैनल 12 के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन बड़े हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ऐसी स्थिति आती है, तो इज़राइल महज दो मिनट के भीतर इस ऑपरेशन में शामिल हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को किसी भी सैन्य अभियान को अंजाम देने के लिए किसी अन्य साथी देश की आवश्यकता नहीं है। ईरान के संबंध में अपना रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि तेहरान बातचीत के लिए उत्सुक है, लेकिन अभी तक उसे पर्याप्त नुकसान नहीं हुआ है और वह अभी और अधिक तकलीफ झेलने के लिए तैयार नहीं है।
रेड सी में बढ़ता तनाव और तेल संकट
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब और अधिक भयावह रूप ले रहा है। हाल ही में लाल सागर (रेड सी) में यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को अपना निशाना बनाया है। विद्रोही गुटों ने इन टैंकरों पर ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से हमला किया, जिसके कारण जहाजों में भयंकर आग लग गई। इस घटना ने क्षेत्र में जंग का एक नया मोर्चा खोल दिया है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 98 डॉलर के आंकड़े को पार कर गई है, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल 89 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया है। लाल सागर में बढ़ते हमलों के चलते दुनिया भर में तेल आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
सैन्य हमलों का सिलसिला जारी
अमेरिका ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर लगातार 12वीं रात बमबारी जारी रखी है। अमेरिकी हमलों में ईरान के नौसैनिक बेस, मिसाइल और ड्रोन के गोदामों के साथ ही तटीय निगरानी चौकियां और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इसके जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में अमेरिकी गोला बारूद डिपो, लॉजिस्टिक्स सेंटर, पैट्रियट डिफेंस सिस्टम और MQ-9 ड्रोन डिपो को तबाह कर दिया है। इसके अलावा, ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को भी नष्ट करने का दावा किया है। एक तरफ जहाँ दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं, वहीं डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि जल्द ही ईरान एक समझौते के लिए तैयार हो जाएगा, भले ही वर्तमान सैन्य हमलों के बीच उसे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा हो।
https://www.indiatv.in/world/around-the-world/major-strike-will-have-to-be-launched-on-iran-they-want-it-trump-warns-again-2026-07-23-1233030