नोएडा और ग्रेटर नोएडा ने छोड़ा मुंबई-गुरुग्राम को पीछे, लग्जरी घरों के दाम में 28 प्रतिशत तक का उछाल

प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म सेविल्स इंडिया की एक नई रिपोर्ट के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लग्जरी घरों की कीमतों में 28 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है जो मुंबई और गुरुग्राम जैसे शहरों से अधिक है।

रियल एस्टेट बाजार में नोएडा का दबदबा

दिल्ली-एनसीआर का रियल एस्टेट बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और अब प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में नोएडा-ग्रेटर नोएडा देश का सबसे तेजी से उभरता बाजार बनकर सामने आया है। हाल ही में जारी वैश्विक प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी सेविल्स इंडिया की एक रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि लग्जरी घरों की कीमतों में उछाल के मामले में नोएडा और ग्रेटर नोएडा ने मुंबई और गुरुग्राम जैसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों को पीछे छोड़ दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा के निर्माणाधीन यानी अंडर-कंस्ट्रक्शन लग्जरी प्रोजेक्ट्स की औसत पूंजीगत कीमतों में सालाना आधार पर 4 प्रतिशत से 28 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे बना ग्रोथ इंजन

रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाले आंकड़े नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के क्षेत्र से सामने आए हैं। यह इलाका इस समय देश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला माइक्रो मार्केट बन गया है। यहां प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं की कीमतों में 28 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा सेक्टर-150 जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि अन्य मुख्य इलाकों में लगभग 4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि देखी गई है। यह रुझान बताता है कि अब खरीदार केवल निवेश की दृष्टि से नहीं बल्कि बेहतर जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए घर खरीद रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है नोएडा में प्रीमियम घरों की मांग?

देश में मजबूत आर्थिक आधार और तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर नोएडा के रियल एस्टेट बाजार की सफलता के मुख्य कारण हैं। रिपोर्ट के अनुसार निम्नलिखित कारकों ने प्रीमियम हाउसिंग बाजार को नई मजबूती दी है:

  • एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट की परियोजना ने इस क्षेत्र की कायापलट कर दी है। इसके साथ ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ बेहतर कनेक्टिविटी ने निवेशकों को आकर्षित किया है।
  • आधुनिक सुविधाएं: मेट्रो का विस्तार और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क ने व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।
  • निवेशक वर्ग: एनआरआई निवेशकों और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स यानी HNIs की बढ़ती रुचि ने प्रीमियम घरों की मांग को सहारा दिया है।
  • निर्माण गुणवत्ता: डेवलपर्स द्वारा बेहतर निर्माण गुणवत्ता और आधुनिक लाइफस्टाइल सुविधाओं पर जोर देने से बाजार में विश्वास बढ़ा है।

डेवलपर्स की संतुलित रणनीति

एक दिलचस्प पहलू यह है कि मांग में भारी उछाल के बावजूद डेवलपर्स ने परियोजनाओं को लॉन्च करने में काफी संयम बरता है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष की पहली छमाही में नोएडा में केवल 400 के आसपास लग्जरी यूनिट्स ही लॉन्च की गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत कम हैं। विशेषज्ञ इसे एक परिपक्व बाजार का संकेत मानते हैं जहां डेवलपर्स आक्रामक सप्लाई बढ़ाने की जगह नियंत्रित लॉन्च और बेहतर मूल्य निर्धारण रणनीति पर काम कर रहे हैं। भविष्य में सीमित नई आपूर्ति कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है।

किराये के बाजार में भी तेजी

केवल संपत्ति की खरीद ही नहीं बल्कि किराये का बाजार भी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। नोएडा में प्रीमियम आवासों के किराये में वार्षिक रूप से लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं विशिष्ट माइक्रो मार्केट्स में यह वृद्धि 5 से 14 प्रतिशत के बीच देखी गई है। यह उन निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जो रेंटल यील्ड यानी किराये से मिलने वाले लाभ के उद्देश्य से प्रीमियम संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं। हालांकि तैयार यानी रेडी-टू-मूव घरों की कीमतों में हल्का सामान्यीकरण देखा गया है, जिसे विशेषज्ञ पिछले वर्षों की तेज वृद्धि के बाद एक स्वाभाविक संतुलन मान रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

रियल एस्टेट क्षेत्र के दिग्गज इस बदलाव को काफी सकारात्मक दृष्टि से देख रहे हैं:

  • काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का मानना है कि आज का प्रीमियम होमबायर केवल चारदीवारी नहीं खरीद रहा, बल्कि वह बेहतर वेलनेस, सुरक्षा और ग्रीन स्पेस के साथ विश्वस्तरीय जीवनशैली में निवेश कर रहा है।
  • निम्बस ग्रुप के सीईओ साहिल अग्रवाल का कहना है कि यह क्षेत्र अब अधिक स्थिर चरण में है और कीमतों में वृद्धि वास्तविक मांग और बुनियादी ढांचे के विकास पर आधारित है।
  • सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का ने कहा कि नोएडा की सफलता का आधार यहां का दूरदर्शी शहरी विकास और आईटी कॉरिडोर है।
  • अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का कहना है कि खरीदार अब पारदर्शिता और समय पर डिलीवरी को सबसे अधिक महत्व दे रहे हैं।
  • प्रतीक ग्रुप के एमडी प्रतीक तिवारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर दर्ज 28 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि खरीदारों का भरोसा नोएडा पर लगातार बढ़ रहा है।

निष्कर्ष के तौर पर, यदि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास इसी गति से जारी रहता है, तो आने वाले वर्षों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे अग्रणी प्रीमियम रियल एस्टेट केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर लेंगे।

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