बांकीपुर में सियासी पारा चढ़ा
बांकीपुर उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को निर्धारित है। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, जनसुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। प्रशांत किशोर ने अब सीधे तौर पर ईवीएम और वोट चोरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। उनके हालिया भाषणों में इस बात का जिक्र बार-बार सुना जा सकता है कि इस चुनाव में पर्दे के पीछे से खेल किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
जिस प्रशांत किशोर की जीत का दावा सोशल मीडिया पर जोर-शोर से किया जा रहा था, अब वहीं के यूजर्स उनके इन बयानों को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि क्या भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशियों के प्रचार अभियान को देखकर प्रशांत किशोर दबाव में आ गए हैं।
विपक्ष की भाषा बोलने पर घेरे गए
प्रशांत किशोर का यह अंदाज काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से पूछ रहे हैं कि जो नेता पहले बांकीपुर में अपनी एकतरफा जीत का दावा कर रहे थे, वे अचानक वोटिंग से पहले ही राहुल गांधी और ममता बनर्जी जैसी भाषा का इस्तेमाल क्यों करने लगे हैं। लोगों का मानना है कि ईवीएम और वोट चोरी की बातें करना हार की पूर्व सूचना के तौर पर भी देखा जा सकता है।
- 30 जुलाई को बांकीपुर में होगा मतदान।
- प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए सवाल।
- जनता के बीच चर्चा है कि क्या चुनावी प्रतिस्पर्धा देख प्रशांत किशोर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।
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