आवाज़ से लगेगी छात्रों की हाजिरी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंतर्गत बतौली विकासखंड में स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के एक शिक्षक ने शिक्षा प्रणाली में डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शिक्षक रोहित गुप्ता ने BOLU Smart Attendance नाम का एक खास वेब ऐप विकसित किया है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें छात्रों को रजिस्टर में साइन करने या किसी लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। छात्र जैसे ही अपना नाम बोलते हैं, सिस्टम उसे तुरंत पहचानकर उनकी उपस्थिति दर्ज कर लेता है। यह नवाचार अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कैसे काम करता है यह स्मार्ट सिस्टम
शिक्षक रोहित गुप्ता ने इस सिस्टम की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि BOLU Smart Attendance वेब ऐप में विद्यार्थियों को केवल अपने नाम का उच्चारण करना होता है। यह सिस्टम आवाज़ को पहचानने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग करता है। जैसे ही छात्र अपना नाम बोलते हैं, सिस्टम कुछ ही सेकंड में उनकी पहचान कर रियल-टाइम उपस्थिति दर्ज कर लेता है। उपस्थिति दर्ज होने की प्रक्रिया पूरी होते ही, यह ऐप छात्र का अभिवादन करते हुए गुड मॉर्निंग कहता है, जिससे छात्र भी डिजिटल तकनीक के प्रति उत्साहित होते हैं।
डुप्लीकेट एंट्री और डेटा सुरक्षा पर खास ध्यान
अक्सर स्कूल के कागजी रजिस्टरों में हेरफेर या गलती से दो बार एंट्री होने का डर बना रहता है, लेकिन इस स्मार्ट ऐप में ऐसी कोई गुंजाइश नहीं है। शिक्षक ने बताया कि प्रत्येक एंट्री के साथ उस समय की तारीख और सटीक समय स्वतः ही दर्ज हो जाता है। यदि कोई विद्यार्थी दोबारा अपना नाम बोलकर दूसरी बार हाजिरी लगाने का प्रयास करता है, तो सिस्टम उसे तुरंत पहचान लेता है और डुप्लीकेट एंट्री को रोक देता है। इस प्रकार, उपस्थिति का रिकॉर्ड पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित रहता है।
क्लाउड पर सुरक्षित रहेगा पूरा रिकॉर्ड
इस ऐप की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि विद्यार्थियों की उपस्थिति का पूरा डेटा क्लाउड और गूगल शीट में अपने आप सेव हो जाता है। इसका फायदा यह है कि शिक्षक 24 घंटे में किसी भी समय और कहीं से भी बैठकर छात्रों का रिकॉर्ड देख सकते हैं। इससे दैनिक, मासिक और वार्षिक उपस्थिति रिपोर्ट तैयार करना बेहद आसान हो गया है। साथ ही, अलग-अलग कक्षाओं की उपस्थिति का प्रबंधन अब एक ही डिजिटल मंच से किया जा सकता है, जिससे शिक्षक का काफी कीमती समय बचता है।
शिक्षा में डिजिटल क्रांति का संकल्प
रोहित गुप्ता का उद्देश्य केवल छात्रों की हाजिरी लगाना नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना है। उनका मानना है कि शिक्षकों को प्रशासनिक कामों में उलझने के बजाय शिक्षण पर अधिक ध्यान देना चाहिए। यह ऐप मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर जैसे सभी डिजिटल उपकरणों पर आसानी से काम करता है। यह पूरी तरह से स्वनिर्मित और प्रोग्रामिंग पर आधारित एक ऐसा समाधान है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ रहा है।
नवाचारों की श्रृंखला में नया नाम
रोहित गुप्ता इससे पहले भी शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रयोग कर चुके हैं। उन्होंने BOLU Robot और स्मार्ट बारहखड़ी यंत्र जैसे डिजिटल नवाचार पहले भी विकसित किए हैं, जिन्हें शिक्षा जगत में काफी सराहा गया था। BOLU Smart Attendance इसी श्रृंखला का अगला और अधिक उन्नत संस्करण है। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय सरगुजा शिक्षा विभाग को दिया है, जो शिक्षकों को हमेशा नए प्रयोग करने और तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता रहता है।
बड़ी सोच और संकल्प से संभव
अंत में शिक्षक का यही कहना है कि किसी भी बड़े बदलाव के लिए हमेशा बहुत महंगे संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। इसके लिए केवल बड़ी सोच और कुछ नया करने के जुनून की जरूरत होती है। रोहित गुप्ता का मानना है कि यदि दृढ़ संकल्प हो, तो सरकारी स्कूलों के माध्यम से भी ऐसे क्रांतिकारी डिजिटल समाधान तैयार किए जा सकते हैं जो पूरी शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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