हिमाचल कांग्रेस में सियासी हलचल: नीरज भारती के तीखे तेवर बरकरार, सीएम सुक्खू बोले- कोई बड़ा मसला नहीं, प्रतिभा सिंह ने भी रखी राय

हिमाचल में कांग्रेस उपाध्यक्ष पद से नीरज भारती के इस्तीफे को लेकर पार्टी में हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे बड़ा संकट मानने से इनकार किया, जबकि प्रतिभा सिंह ने शिकायतें सुने जाने की बात कही और भारती लगातार सरकार पर हमलावर हैं।

हिमाचल सरकार और कांग्रेस संगठन में नीरज भारती के इस्तीफे से उपजे राजनीतिक तूफान को थामने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को साफ शब्दों में संदेश दिया कि यह प्रकरण पार्टी के भीतर कोई बड़ा राजनीतिक संकट नहीं है और इसे जरूरत से ज्यादा तूल देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दो-टूक कहा कि नीरज भारती कोई बड़ा मसला नहीं हैं।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर नीरज भारती ने तंज कसते हुए पलटवार किया कि वह भले ही कोई मसला न हों, लेकिन असली मसला तो 2027 में सामने आएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस संगठन ने भी तेजी दिखाते हुए कदम बढ़ाया और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने नीरज भारती का पार्टी उपाध्यक्ष पद से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि नेतृत्व इस विवाद को लंबा खींचने के बजाय संगठनात्मक स्तर पर इसे तत्काल नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

आरोपों के बाद पहली बार सामने आए मुख्यमंत्री

एक दिन पहले कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक नीरज भारती ने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए सोशल मीडिया के जरिए सरकार और संगठन पर कई सवाल खड़े किए थे। उनके इस्तीफे ने पार्टी के भीतर असंतोष और अंदरूनी खींचतान की चर्चाओं को और हवा दे दी थी।

हालांकि मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पूरे घटनाक्रम को अधिक तवज्जो देने से इनकार कर दिया। उन्होंने संक्षिप्त मगर स्पष्ट प्रतिक्रिया में कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और भारती का मामला इतना गंभीर नहीं कि इसे बड़ा राजनीतिक मसला बना दिया जाए। मुख्यमंत्री के इस रुख को कांग्रेस के भीतर डैमेज कंट्रोल और संदेश प्रबंधन की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतिभा सिंह बोलीं- शिकायतें दूर करनी चाहिए थीं

वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि सरकार को नीरज भारती की शिकायतें दूर करनी चाहिए थीं। दूसरी तरफ नीरज भारती लगातार मुख्यमंत्री सुक्खू और सरकार पर हमलावर बने हुए हैं। वह सोशल मीडिया पर निरंतर सीएम सुक्खू को निशाने पर ले रहे हैं और अब तक करीब 40 से अधिक पोस्ट डाल चुके हैं।

नहीं थम रहे भारती के तेवर

कांगड़ा के ज्वाली से पूर्व विधायक नीरज भारती ने अपना इस्तीफा मंजूर होने के बाद लिखा कि विनय कुमार जी का बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि बस भारती के नाम की स्पेलिंग ठीक कर लीजिए और आपको संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार की कठपुतली बनकर मत रह जाना।

खालसा टैक्स पर पंजाब सरकार से होगी बातचीत

खालसा टैक्स को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि हिमाचल में लगाया गया एंट्री टैक्स कोई नया टैक्स नहीं है और न ही ग्रीन टैक्स कोई नई व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि यह करीब 20–25 वर्ष पहले पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लागू किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में पर्यावरण की सुरक्षा बेहद अहम है और इसी मकसद से यह व्यवस्था बनाई गई थी। हालांकि अगर किसी पक्ष को इस पर आपत्ति है तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी और उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर पंजाब सरकार से विस्तृत चर्चा करेंगे। उनके अनुसार पंजाब और हिमाचल के संबंध हमेशा सकारात्मक रहे हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमारे लिए बड़े भाई जैसा राज्य है और दोनों राज्य मिल-बैठकर इस विषय का हल निकालेंगे।

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