क्या अमेरिका, ईरान और इजरायल का विवाद सुलझाने गए हैं तेजस्वी? विधानसभा के मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर जेडीयू का तीखा हमला

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर सत्तापक्ष ने तीखा हमला बोला है। जेडीयू और बीजेपी के नेताओं ने उनके विदेश दौरे पर तंज कसते हुए उन्हें 'पार्ट टाइम' राजनेता करार दिया है।

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होते ही सूबे की सियासत एक बार फिर पूरी तरह से गरमा गई है। इस बार सत्तापक्ष के निशाने पर कोई और नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव हैं। मानसून सत्र के बेहद महत्वपूर्ण समय में तेजस्वी यादव की सदन से अनुपस्थिति ने भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड को विपक्ष पर हमला करने का एक बड़ा और अचूक मौका दे दिया है। सत्ताधारी दलों के नेताओं ने तेजस्वी यादव की इस गैरमौजूदगी को लेकर उन पर बेहद तीखे और पैने राजनीतिक बाण छोड़े हैं। जेडीयू और बीजेपी के नेताओं ने उन्हें एक 'पार्ट टाइम पॉलिटिशियन' यानी अंशकालिक राजनेता घोषित करते हुए यहां तक कह दिया है कि वे शायद किसी अंतरराष्ट्रीय संकट को हल करने के लिए विदेश दौरे पर गए हैं।

तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर जेडीयू का तीखा और चुटीला हमला

जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर बेहद ही चुटीले और आक्रामक अंदाज में निशाना साधा है। पटना में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि तेजस्वी यादव इस समय अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे बेहद गंभीर अंतरराष्ट्रीय विवाद को सुलझाने के लिए गए हुए हैं।

नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जो वैश्विक समस्या संयुक्त राष्ट्र जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्था से भी हल नहीं हो पाई है, शायद उसे सुलझाने का बीड़ा अब तेजस्वी यादव ने उठाया है। उन्होंने आगे हंसते हुए कहा कि वे अभी सौरमंडल के नौ ग्रहों में से किस ग्रह पर विचरण कर रहे हैं, इसकी सही और पुख्ता जानकारी खुद उनकी अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल को भी नहीं है।

आरजेडी विधायक के 'आत्मा प्रवेश' वाले बयान पर जेडीयू की चुटकी

नेता प्रतिपक्ष की सदन से अनुपस्थिति के बीच राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र के एक अजीबोगरीब बयान ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा हवा दे दी है। विधायक भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव का बचाव करते हुए मीडिया के सामने कह दिया था कि 'हम ही तेजस्वी हैं'। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस बयान को आड़े हाथों लेते हुए इस पर भी जमकर चुटकी ली।

नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि यह राजनीति का एक बिल्कुल नया मैकेनिज्म है। उन्होंने हैरानगी जताते हुए सवाल उठाया कि दो अलग-अलग शरीर होने के बावजूद एक व्यक्ति की आत्मा दूसरे व्यक्ति के भीतर कैसे प्रवेश कर सकती है? उन्होंने तंज कसा कि आरजेडी के पास अपने गायब नेता के बचाव के लिए अब कोई भी ठोस और तार्किक आधार नहीं बचा है, यही वजह है कि वे इस तरह की काल्पनिक और हास्यास्पद बातें कर रहे हैं।

उमेश सिंह कुशवाहा ने तेजस्वी यादव को बताया गैरजिम्मेदार नेता

इससे पहले जनता दल यूनाइटेड के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर अत्यंत गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि बिहार के पूरे लोकतांत्रिक इतिहास में तेजस्वी यादव जैसा गैरजिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष आज तक नहीं हुआ है।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि जब बिहार विधानसभा का सबसे महत्वपूर्ण मानसून सत्र चल रहा हो, जहां राज्य की जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का विदेश में होना सीधे तौर पर जनता के प्रति उनकी घोर गैरजिम्मेदारी को प्रदर्शित करता है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष का पद बहुत ही गरिमामयी और महत्वपूर्ण होता है, लेकिन तेजस्वी यादव लगातार इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। यही वजह है कि अब बिहार की जनता भी उन्हें एक 'पार्ट-टाइम' और 'नॉन-सीरियस' नेता के तौर पर देखने लगी है।

बीजेपी और अन्य नेताओं ने भी तेजस्वी को घेरा

केवल जेडीयू ही नहीं, बल्कि बीजेपी ने भी इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी तेजस्वी यादव की इस अनुपस्थिति को एक बड़ा मुद्दा बनाते हुए उन पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति का तरीका बहुत ही अजीब है; वे अचानक बिहार आते हैं, कुछ हवा-हवाई बयानबाजी करते हैं और फिर एक लंबे समय के लिए परिदृश्य से पूरी तरह से गायब हो जाते हैं।

संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि जब भी बिहार की विधानसभा में राज्य के विकास और गरीब जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने की बारी आती है, तो नेता प्रतिपक्ष पूरे राजनीतिक मैदान को छोड़कर ही लापता हो जाते हैं। वहीं जेडीयू के एक अन्य एमएलसी खालिद अनवर ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार राज्य से बाहर रहकर या विदेशों में घूमकर सूबे की राजनीति नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिहार की जागरूक जनता सब कुछ बहुत करीब से देख रही है और वक्त आने पर इसका जवाब जरूर देगी।

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