राजस्थान में मौसम का मिजाज बदला, जयपुर समेत 14 जिलों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आया है। मौसम विभाग ने अजमेर और ब्यावर के लिए ऑरेंज अलर्ट जबकि जयपुर सहित 14 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में मानसून की सक्रियता

राजस्थान में मानसून और स्थानीय स्तर पर बने मौसमी तंत्रों के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को अब राहत मिलने के आसार हैं, क्योंकि राज्य के कई इलाकों में तूफानी हवाओं के साथ जोरदार बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के जयपुर केंद्र ने राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए ताजा और तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वातावरण में आए इस बदलाव की वजह से गरज-चमक के साथ बारिश का एक मजबूत तंत्र विकसित हुआ है, जो प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों को खासा प्रभावित कर रहा है।

अजमेर और ब्यावर में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई नवीनतम चेतावनी के अनुसार, अजमेर और ब्यावर जिलों को सबसे संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन इलाकों में अचानक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है। इस तूफानी हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम तो कुछ विशेष स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई गई है कि तेज हवाओं से बिजली के खंभों, कच्चे मकानों, सड़क किनारे लगे होर्डिंग्स और पुराने पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। आम जनता को सलाह दी गई है कि गर्जन के समय खुले स्थानों पर न जाएं और सुरक्षित पक्के मकानों के भीतर ही रहें।

जयपुर सहित 14 जिलों में येलो अलर्ट

अजमेर और ब्यावर के अलावा राजस्थान के 14 प्रमुख जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में राजधानी जयपुर के साथ-साथ नागौर, राजसमंद, भीलवाड़ा, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, डीग, सीकर, बूंदी, कोटा, चित्तौड़गढ़ और डीडवाना-कुचामन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की तेज गर्जना के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ घंटों के पैटर्न को अगर देखा जाए, तो बीकानेर, जोधपुर और पाली जैसे जिलों में भी रुक-रुक कर बारिश और आंधी की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। विशेष रूप से नागौर और डीडवाना-कुचामन के मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट दर्ज हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

हाड़ौती अंचल और अन्य इलाकों का हाल

कोटा और बूंदी जैसे हाड़ौती अंचल के जिलों में भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है। यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसलों के लिहाज से यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, हालांकि तेज हवाओं के चलते कटी हुई या तैयार खड़ी फसलों को नुकसान होने का भी खतरा बना हुआ है। सवाई माधोपुर और करौली के इलाकों में भी घने बादलों की आवाजाही बनी हुई है और रह-रहकर आकाशीय बिजली चमकने की सूचनाएं मिल रही हैं। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ घंटों तक यह मौसमी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

सुरक्षा के लिए प्रशासन की अपील

मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। तेज अंधड़ या मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे या कमजोर बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और अपने पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रयास करें। प्रशासनिक अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन टीम को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। 22 जुलाई 2026 की सुबह तक जारी की गई इन चेतावनियों का उद्देश्य किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को कम करना है। प्रदेश में बने इस सक्रिय मौसमी सिस्टम पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

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