रोपड़ जिला परिषद का बड़ा फैसला
पंजाब के रोपड़ जिले में हिमाचल प्रदेश से आने वाले वाहनों के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। रोपड़ जिला परिषद की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसके तहत अब हिमाचल से पंजाब की सीमा में प्रवेश करने वाली गाड़ियों से एंट्री टैक्स वसूला जाएगा। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब दोनों राज्यों के बीच वाहनों के टैक्स को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। जिला परिषद के इस फैसले के बाद अब मामला गरमा गया है और हिमाचल सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
हिमाचल सरकार की क्या है राय
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि क्या किसी जिला परिषद को इस तरह का टैक्स लगाने का कोई कानूनी अधिकार प्राप्त है या नहीं। चौहान ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार के अधिकार केवल राज्य सरकार या नगर निगमों के पास ही होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लिया जाने वाला टोल या एंट्री टैक्स कोई नया नियम नहीं है और यह किसी एक विशेष राज्य के वाहनों को निशाना बनाकर नहीं लगाया गया है। सरकार ने सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए पहले ही पास की व्यवस्था की हुई है और जरूरत पड़ने पर पंजाब सरकार से इस मसले पर बातचीत का रास्ता भी खुला है।
जगत सिंह नेगी ने दी नसीहत
हिमाचल प्रदेश के राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए आपसी बातचीत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह दो पड़ोसी राज्यों के बीच का विषय है और इसे आपसी सौहार्द के साथ सुलझाया जाना चाहिए। नेगी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि अचानक इस मुद्दे को दोबारा क्यों उठाया जा रहा है, जबकि वर्तमान सरकार के गठन से पहले इस तरह का कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में कई ऐसी बातें हैं जो अभी सार्वजनिक पटल पर नहीं हैं।
क्या है पंजाब के विधायक का तर्क
रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा ने जिला परिषद की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की है। उनके अनुसार, हिमाचल सरकार की तर्ज पर ही अब पंजाब में भी हिमाचल की गाड़ियों से एंट्री फीस ली जाएगी। चड्ढा का कहना है कि यह निर्णय सड़क के बुनियादी ढांचे को सुधारने और बेहतर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस टैक्स को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है। आने वाले समय में इसे जल्द ही धरातल पर उतार दिया जाएगा।
विवाद की पृष्ठभूमि और कीरतपुर मनाली नेशनल हाईवे
इस पूरे विवाद की जड़ में हिमाचल सरकार का वह फैसला है, जिसके तहत कीरतपुर मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित स्टेट टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स में काफी बढ़ोतरी की गई थी। उस समय इस फैसले को लेकर भारी विरोध हुआ था, जिसके बाद सरकार को झुकना पड़ा और टैक्स को घटाकर 100 रुपये कर दिया गया। इसी घटनाक्रम के बाद से पंजाब में यह मांग उठने लगी थी कि यदि हिमाचल हमारी गाड़ियों पर टैक्स लगा रहा है, तो हमें भी ऐसा ही करना चाहिए। अब रोपड़ जिला परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसने दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद और टैक्स की राजनीति को एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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