वीरान हुआ शहीद का स्कूल
अंबाला के कांसापुर गांव में स्थित शहीद मनजीत सिंह के नाम से संचालित सरकारी प्राइमरी स्कूल की हालत आज काफी खस्ता है। यह संस्थान अब पूरी तरह वीरान पड़ा है, जिसका सीधा असर गांव के छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। शिक्षा की कमी के कारण अब गांव के मासूम बच्चों को रोजाना दो से तीन किलोमीटर का लंबा सफर तय करके दूसरे गांव में पढ़ाई के लिए जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि यह केवल शिक्षा का मामला नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके सुनहरे भविष्य से जुड़ा एक गंभीर सवाल बन चुका है।
क्या कहते हैं ग्रामीण?
इस स्थिति पर चिंता जताते हुए गांव के सरपंच गुरनाम सिंह ने बताया कि बीते वर्षों में स्कूल में बच्चों की संख्या में काफी कमी आई थी, जिसके चलते अधिकारियों ने इसे बंद करने का निर्णय लिया था। हालांकि, अब गांव की स्थिति बदल चुकी है और छोटे बच्चों की संख्या में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। गांव के एक अन्य निवासी विक्रम पाल ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि कांसापुर में स्कूल के साथ-साथ हाईवे पर कट न होना और बस स्टॉप का अभाव भी बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।
पीड़ा जो भविष्य को लेकर है
स्थानीय निवासी अनमोल ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्होंने खुद अपने बचपन में रोजाना लंबी दूरी तय करके पढ़ाई पूरी की है। वह कहते हैं कि जो कठिनाइयां उन्होंने और उनके साथियों ने झेली हैं, वह नहीं चाहते कि अब उनके छोटे भाई-बहन भी उन्हीं समस्याओं का सामना करें। गांव वाले प्रशासन से जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चों को उनके अपने गांव में ही बेहतर शिक्षा मिल सके।
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