सहारा इंडिया घोटाले का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने आर्थिक अपराधों के विरुद्ध एक निर्णायक अभियान चलाते हुए सहारा इंडिया के चर्चित घोटाला मामले के मुख्य आरोपी को धर दबोचा है। लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे कंपनी के ब्रांच मैनेजर विकास कुमार सराफ को रायगढ़ पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन हंट' का हिस्सा है, जिसके तहत फरार अपराधियों को पकड़ने का काम किया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ के कोतरारोड़ इलाके से तब गिरफ्तार किया जब वह वहां देखा गया था। आरोपी पिछले लगभग 4 साल से पुलिस की पकड़ से दूर था और लगातार अपनी जगह बदल रहा था।
क्या है निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का पूरा मामला
यह मामला तब प्रकाश में आया जब वर्ष 2022 में प्रार्थी विकास निगानिया ने स्थानीय कोतवाली पुलिस थाने में सहारा इंडिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी रिपोर्ट में विकास निगानिया ने स्पष्ट आरोप लगाया था कि सहारा इंडिया के शाखा प्रबंधक और कंपनी के विभिन्न निदेशकों ने मिलकर निवेशकों के साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी की है। शिकायत के मुताबिक, न केवल विकास निगानिया के 40 लाख रुपये बल्कि कुल 3,848 निवेशकों की मेहनत की गाढ़ी कमाई, जो लगभग 40.78 करोड़ रुपये थी, उसे हड़प लिया गया। यह करोड़ों रुपये का घोटाला निवेशकों के लिए एक बड़ा सदमा बनकर उभरा था।
पुलिस की विवेचना और पूर्व में हुई गिरफ्तारियां
विकास निगानिया की औपचारिक शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया और अपनी जांच प्रक्रिया तेज कर दी। पुलिसिया जांच में यह बात साफ तौर पर सामने आई कि कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने एक सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर आम जनता की जमा पूंजी को ठगने का काम किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की और इससे पहले ही कंपनी के डायरेक्टर करणे अवस्थी तथा ओम प्रकाश शर्मा समेत पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
छापेमारी और गिरफ्तारी की पूरी कहानी
ब्रांच मैनेजर विकास कुमार सराफ इन सभी के बीच कानून की नजरों से बचकर भागने में कामयाब हो गया था और पिछले करीब 4 सालों से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी। हाल ही में पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि मुख्य आरोपी विकास सराफ रायगढ़ में मौजूद है। इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने एक घेराबंदी की और कोतरारोड़ क्षेत्र से आरोपी को धर दबोचा।
आरोपी से बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी विकास कुमार सराफ के पास से इस घोटाले से जुड़े कई अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक मोटरसाइकिल और एक कार को भी कब्जे में लिया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया है। इसके अलावा, उस पर 'छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम' और 'चिटफंड अधिनियम' की विशिष्ट धाराओं के तहत भी कानूनी कार्रवाई की गई है। न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने से पहले आरोपी से गहन पूछताछ की गई। रायगढ़ पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई ने उन निवेशकों में न्याय की नई किरण जगाई है, जिनकी रकम सहारा इंडिया में फंसी हुई थी। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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