केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया और चेतन ने पहले रची थी घायल करने की साजिश, बाद में बदल दिया खौफनाक इरादा

महाराष्ट्र के पुणे में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले मंगेतर को घायल कर शादी टालने का प्लान बनाया था, लेकिन बाद में उन्होंने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला किया।

साजिश का बदलता स्वरूप और खौफनाक मोड़

पुणे में हुए बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके साथी चेतन चौधरी ने पहले एक ऐसी साजिश रची थी, जिसमें केतन अग्रवाल को महज घायल करके शादी को अनिश्चितकाल के लिए टाला जा सके। हालांकि, जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना को अंजाम देने के जोखिम को देखते हुए दोनों ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्हें लगा कि घायल करने की कोशिश असफल हो सकती है या पकड़ा जाना आसान होगा। इसके बाद उन्होंने केतन की हत्या करने का अंतिम फैसला ले लिया। चूँकि बाली की यात्रा के लिए समय कम बचा था, इसलिए दोनों ने जितनी जल्दी हो सके इस वारदात को अंजाम देने की ठान ली थी।

इंटरनेट और फिल्मों से ली थी प्रेरणा

एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि केतन अग्रवाल की मृत्यु को महज एक दुर्घटना का रूप देने के लिए दोनों आरोपियों ने कई पैंतरों पर गौर किया। इस साजिश को पुख्ता करने के लिए उन्होंने सस्पेंस से भरी कई फिल्में देखीं और इंटरनेट के जरिए भी हत्या के तरीकों की गहन जानकारी जुटाई। काफी मंथन के बाद वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि केतन को किसी ऊंची चट्टान से धक्का देना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका होगा। अपनी योजना को मूर्त रूप देने के लिए दोनों ने ऐसी जगह की तलाश शुरू कर दी, जो उनके इरादों के लिए अनुकूल हो।

रेकी के दौरान साझा की थीं तस्वीरें

साजिश के हिस्से के तौर पर सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पुणे के आसपास स्थित कई ऊंचे और दुर्गम स्थानों का मुआयना किया, जिनमें लोनावला का टाइगर प्वाइंट और विसापुर किला जैसे प्रमुख स्थल शामिल थे। उन्होंने घटनास्थल की तलाश के दौरान एक-दूसरे को इन जगहों की तस्वीरें भी भेजीं। अंततः उन्होंने हत्या को अंजाम देने के लिए लोहागढ़ किले को उपयुक्त चुना। आरोपी इस बात को लेकर बेहद सतर्क थे कि ऐसी जगह का चयन किया जाए, जहां वारदात के बाद किसी भी तरह के सुराग या सबूत मिलने की गुंजाइश न हो। यह पूरी साजिश कई हफ्तों की कड़ी मशक्कत और लगातार चली चर्चाओं के बाद तैयार हुई थी।

शादी को लेकर थी चिंता और गिरफ़्तारी

पुलिस ने 18 जून को 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर पहले से तय की गई साजिश के तहत केतन को लोहागढ़ किले की चट्टान से नीचे गिरा दिया। जांचकर्ताओं का दावा है कि यह खौफनाक कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि केतन अग्रवाल उनके प्रेम संबंधों में सबसे बड़ी रुकावट बन रहा था। उन्हें डर था कि यदि सिया की शादी केतन से हो गई, तो उनके भविष्य के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे।

शादी टालने की नाकाम कोशिशें

अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल किसी भी हाल में घर से भागकर शादी नहीं करना चाहती थी, क्योंकि वह अपने या केतन के परिवार को किसी भी तरह की बदनामी या शर्मिंदगी में नहीं डालना चाहती थी। इसी वजह से दोनों ने शुरुआत में केवल शादी को रुकवाने के रास्ते तलाशने पर जोर दिया था। हालांकि, किसी को सुपारी देकर हत्या करवाने का अब तक कोई सबूत पुलिस को नहीं मिला है। जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून को लोहागढ़ किले पर सिया गोयल ने केतन की हत्या का एक असफल प्रयास किया था। फिलहाल, आरोपी सिया और चेतन न्यायिक हिरासत में यरवडा केंद्रीय जेल में बंद हैं।

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