बलिया: सुनील यादव हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट मामले में पुलिस को कोर्ट से बड़ा झटका, तीन आरोपियों की रिमांड अर्जी खारिज

बलिया में बहुचर्चित सुनील यादव हत्याकांड के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस द्वारा मांगी गई तीन आरोपियों की रिमांड को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। बचाव पक्ष की दलीलों और तथ्यों पर गौर करते हुए अदालत ने पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया।

बलिया कोर्ट का बड़ा फैसला

बलिया के बेहद चर्चित सुनील यादव हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में स्थानीय पुलिस को अदालत से एक बड़ा झटका लगा है। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा दायर की गई रिमांड याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस इस मामले में तीन मुख्य संदिग्धों, पंकज राय, लक्ष्मी नारायण चौबे और श्रवण दूबे उर्फ छोटक दूबे की रिमांड हासिल करना चाहती थी। पुलिस का तर्क था कि ये तीनों आरोपी एक ही आपराधिक गिरोह के सदस्य हैं और हत्याकांड की परतें खोलने तथा मामले की गहराई से जांच करने के लिए उनकी पुलिस हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है।

कोर्ट में पुलिस की दलीलें विफल

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील केशव नारायण पांडेय उर्फ सुनील ने पुलिस के दावों को चुनौती दी। उन्होंने अदालत के समक्ष कई अहम तथ्य और दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष का मुख्य तर्क यह था कि पुलिस जिन्हें एक ही गैंग का हिस्सा बताकर पेश कर रही है, वे हकीकत में अलग-अलग विरोधी गुटों के सदस्य हैं और आपस में जानी दुश्मन हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों को एक ही गिरोह का सदस्य बताना तथ्यों से मेल नहीं खाता है और पुलिस का दावा पूरी तरह से आधारहीन है।

बचाव पक्ष के वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने रिमांड के समर्थन में जो साक्ष्य और आधार अदालत को सौंपे हैं, वे कानूनन रिमांड दिए जाने के लिए कतई पर्याप्त नहीं हैं। दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई करने और केस से संबंधित तमाम दस्तावेजों व रिकॉर्ड्स का बारीकी से अध्ययन करने के बाद, न्यायाधीश ने पुलिस की रिमांड अर्जी को निरस्त कर दिया। कोर्ट के इस निर्णय को पुलिस की एक बड़ी विफलता के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रही कानूनी कार्रवाई आगे किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

पिछले साल हुई थी सुनील यादव की हत्या

यह पूरा मामला 20 सितंबर 2025 का है, जब हल्दी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नीरुपुर चट्टी पर टेंट व्यवसायी सुनील यादव की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था। इसी हत्या को मुख्य आधार मानते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन अब रिमांड खारिज होने से जांच की रफ्तार पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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